जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी गाइडलाइंस के आधार पर निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी, गैर सरकारी, निजी विभागों, संस्थाओं, संगठनों में मतदान के प्रति जागरूकता और मतदाता के अधिकारों और दायित्वों की जानकारी देने केे लिए मतदाता जागरूकता फोरम बनाए जाएंगे। फोरम के माध्यम से मतदाता सूची में वोटर हल्पलाईन एप राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रचारित किया जाएगा। मतदाता जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत सचिवालय स्थित सूचना एवं जनसम्पर्क मुख्यालय से की गई। निर्वाचन विभाग द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक अरूण जोशी ने कहा कि मतदान लोकतंत्र की शक्ति है और प्रत्येक वोट लोकतंत्र का आधार मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि आज भी सभी लोग मतदान करने को लेकर संवेदनशील नहीं है। ऐसे में जागरूकता फोरम द्वारा वर्ष पर्यंत आयोजित गतिविधियों से मतदान के प्रति जागरूकता बढे़गी और आगामी चुनावों में वोटिंग प्रतिशत भी बढ़ेगा।कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग की वित्तीय सलाहकार अनुपमा शर्मा ने कहा कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राज्य सरकार के मुख पत्र के समान काम करता है और मीडिया से जुड़ाव के चलते वोटर जागरूकता फोरम की शुरूआत इस विभाग से की जा रही है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में गांवों की बजाय शहरों में वोटिंग प्रतिशत कम है। चुनाव के दिन को हम छुट्टी का दिन मानकर वोटिंग के अपने अधिकार और दायित्व को भूल जाते हैं। शर्मा ने कहा कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग की स्वीप कंसल्टेंट शिखा सोनी ने फोरम के गठन, गतिविधियों, स्तरों और कार्याें को विस्तार से बताया। निर्वाचन विभाग की आईटी टीम ने सभी प्रतिभागियों को वोटर हैल्पलाईन एप और राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया को समझाया।