जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस चिंतन शिविर में किए गए बड़े फैसलों को धरातल पर उतारने से पहले अब विधायकों और प्रमुख नेताओं की राय ली जा रही है। युवाओं को 50 फीसदी पद देने, वन फैमिली-वन टिकट और लगातार पांच साल से ज्यादा एक पद पर नहीं रहने के प्रावधानों के साथ अगले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन सुधारने पर मंथन हो रहा है। होटल क्लार्क आमेर में चल रहे दो दिवसीय शिविर में खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अफसरशाही पर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि अफसर जनता के काम नहीं करते। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से जनता में गलत मैसेज जाता है। कांग्रेस के एक्शन टेकन शिविर में अफसरशाही पर फिर सवाल उठे हैं। खाचरिसावास ने बैठक में जनता के काम अटकाने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को कई अफसर जनता तक पहुंचने में रोड़े अटका रहे हैं। उनका इलाज करना जरूरी है। कांग्रेस के एक्शन टेकन शिविर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश ने सीएम अशोक गहलोत और वरिष्ठ नेताओं को खूब सुनाया। मोहन प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस कोई प्रदर्शन करती है तो वही चंद नेता रहते हैं। इन प्रदर्शनों से जनता नहीं जुड़ पाती। महंगाई सहित कई मुद्दों पर जनता में मुद्दा नहीं बन पा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री  गहलोत, आप गर्भ वाले बच्चे की उम्मीद में गोद वाले को छोड़ना बंद कीजिए। कांग्रेस का मूल वोट बैंक है, हम उसकी चिंता नहीं करते, उन्हें सत्ता में भागीदारी नहीं देते। इनकी जगह ऐसे लोगों को सत्ता में भागीदारी देते हैं जो वोट बैंक नहीं है। यह गोद वाले बच्चे को छोड़कर गर्भ वाले की चिंता करने की तरह है। इससे पार्टी का हित नहीं होगा। हमारे सीएम गांधीवादी हैं, लेकिन  भाजपा आरएसएस के कुछ नेता माहौल खराब करते हैं। उनका इलाज करने के लिए लोकल नेताओं को ताकत देना जरूरी है। एक्शन टेकन  शिविर की शुरुआत में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नेताओं से कहा कि चिंतन शिविर के फैसलों को धरातल पर लागू करने पर नेताओं के सुझावों को सौ फीसदी लागू करना संभव नहीं होगा। फाइनल फैसला एआईसीसी के स्तर पर होगा। यह कतई नहीं माना जाए कि जो कह दिया वह लागू होगा।शिविर में खाली पदों पर भरने के लिए नेताओं से सुझाव लिए जा रहे हैं। कांग्रेस चिंतन शिविर के बड़े फैसलों को लागू करने से पहले अब भी हाईकमान की मंजूरी का इंतजार होगा। इस कैंप के बाद विधायकों के बाड़ाबंदी भी तैयारी की जा रही है।कांग्रेस में भाजपा की तर्ज पर अब मंडल बनेंगे। बूथ और ब्लॉक के बीच एक नई यूनिट मंडल बनाई जाएगी। कैंप में नेताओं से मंडलों के गठन पर बात होगी।