कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान की चार सीटों पर 10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा को झटका लग सकता है। कोटा शहर के महावीर नगर थाना पुलिस ने केशोरायपाटन की विधायक चंद्रकांता मेघवाल को थाने में उपस्थित होने के लिए सोमवार को नोटिस जारी किया गया। यह नोटिस अमूमन गिरफ्तारी के पहले दिया जाने वाला नोटिस है। जिस पर नोटिस मिलने वाला व्यक्ति अगर थाने पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसे कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। सीआई पुष्पेंद्र सिंह झाझड़िया का कहना है कि 41 A सीआरपीसी के तहत सोमवार को नोटिस देकर 7 जून को पूछताछ के लिए बुलाया था। यह तामील भी हो गया है। इस मामले में कानूनी रूप से जो भी कार्रवाई होती है, वह की जाएगी। अगर वे पेश नहीं होते हैं तो दोबारा से नोटिस जारी कर दिया जाएगा। विधायक चंद्रकांता मेघवाल इस समय भाजपा की बाड़ेबंदी में है। ऐसे में उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। हालांकि उनके पति नरेंद्र मेघवाल भी इस मामले में आरोपी है।उनका कहना है कि नोटिस मिला है और नॉन बेलेबल ऑफेंस का मामला है। हमारे मामले में भी पुलिस ने एफआर लगा दी थी। जिसे हमने न्यायालय में चुनौती दे रखी है। हालांकि जब हमारे खिलाफ केस चल रहा है, तो उसमें वारंट भी जारी होना निश्चित है। सरकार भी ऐसे मामलों में मौका देखती है। हालांकि राज्यसभा चुनाव में मतदान के पहले पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। हम इस मामले में न्यायिक या सीबीआई जांच की मांग कर रहे।
यह है पूरा मामला।
भारतीय जनता पार्टी के शासन में साल 2017 में महावीर नगर थाने में हंगामा हुआ था। पुलिस ने चालान के मुद्दे पर कुछ लोगों को पकड़ा था। यह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थे, इनको छुड़वाने के लिए विधायक चंद्रकांता मेघवाल और उनके पति नरेंद्र मेघवाल गए थे। जहां पर पुलिस से बहस हो गई और आपस में ही यह लोग उलझ गए थे। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ था। पुलिस ने चंद्रकांता मेघवाल और उनके पति सहित अन्य जनों पर राजकार्य में बाधा, मारपीट, लोकसेवक को धमकाने व अन्य धाराओं में मुकदमें दर्ज किए थे।

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