करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ खुशीराम मीना ने बताया कि केन्द्र प्रवर्तित योजना राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम एनएडीसीपी के अंतर्गत गौ एवं भैस वंशीय पशुओ के एफएमडी टीकाकरण हेतु करौली जिले मे 1 जुलाई 2022 से एफएमडी सीपी अभियान का आयोजन किया जा रहा है।कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु पशुपालन विभाग के समस्त पशु चिकित्सकों एवं पशुधन सहायको की ड्यूटी लगाई गई है। जिसके अंतर्गत पशुओ के कान मे टैग लगाकर टीका लगाया जायेगा। जिन पशुओं के पहले से टैग लगा है उनमे नवीन टैग लगाने की आवश्यकता नही है बल्कि पूर्व टैग नम्बर से ही लगाये जायेंगे। संयुक्त निदेशक ने बताया कि एफएमडी बीमारी को जिले के पशुपालको मे खुरपका- मुंहपका नाम से जाना जाता है। इस बीमारी मे पशुपालको को व्यापक रूप से आर्थिक हानि होती है। पशु खाना पीना छोड देता है तथा उसके मूह व पैर मे छालेनुमा घाव बन जाते है। कई बार तो छोटे पशुओं की मृत्यू तक हो जाती है तथा बडे पशुओं मे दुग्ध उत्पादन कम हो जाता है। उन्होने बताया कि यह बीमारी के कारण अनावश्यक पशु उपचार पर खर्च होने से आर्थिक नुकसान होता है। इस संबंध मे उन्होने समस्त पशुपालको से राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम मे भाग लेते हुए पशु टीकाकरण मे भाग लेने की अपील भी की है. जिससे कि इस बीमारी को जड से समाप्त किया जा सके।

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