उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्यसभा चुनाव के लिए उदयपुर की बाड़ेबंदी में मौजूद राहत मंत्री गोविंदराम मेघवाल से 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई है। धमकी देने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग के संगठन स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी का मेंबर बताया है।फिरौती के रुपए नहीं देने पर उनके प्रधान बेटे सहित पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। ये कॉल मलेशिया के आईएसडी कोड से आया है। इसकी पड़ताल में पुलिस की साइबर टीम जांच कर रही है। धमकी के साथ वॉट्सऐप पर भी मेघवाल को उनके बेटी और बेटे के फोटो भेजे गए हैं। इसमें उनके साथ सुरक्षा नहीं होने का दावा करते हुए धमकी दी है। साथ ही फिरौती की  मांग की गई। उसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी इसकी जानकारी दी। गोविंदराम मेघवाल राज्यसभा चुनाव के लिये कांग्रेस विधायकों की उदयपुर में चल रही बाड़ेबंदी में थे। मेघवाल अब वहां से बीकानेर के लिए रवाना हो गए।बीकानेर एसपी योगेश यादव ने बताया कि मंगलवार शाम राहत मंत्री गोविंद राम मेघवाल के पास इस कॉल आया था। इसमें 70 लाख रुपए नहीं देने पर परिवार को मारने की धमकी दी गई। इसके बाद से पुलिस की साइबर टीम सक्रिय है। धमकी देने वाले ने स्वयं को लॉरेंस गैंग के संगठन स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी गैंग का सदस्य बताया है, जो गैंगस्टर लॉरेंस का है। उसने राहत मंत्री गोविंद राम मेघवाल से वॉट्सऐप पर चैट की है, जिसमें परिवार के सदस्यों के फोटो भेजते हुए बताया गया है कि सुरक्षाकर्मी उनके साथ रहते हैं परिवार के साथ नहीं। इसी चैट को जांच का आधार बनाकर पुलिस की साइबर टीम काम कर रही है। मेघवाल का पूरा परिवार राजनीति में है। उनके पुत्र पूगल पंचायत समिति में प्रधान हैं, जबकि बेटी सरिता मेघवाल और पत्नी आशा देवी भी जिला परिषद् सदस्य है।राहत मंत्री मेघवाल ने कहा कि 70 लाख की मांग की गई है। पुलिस को सूचना दी गई है। पुलिस अपना काम कर रही। मैं ओर मेरा परिवार किसी भी धमकी से नहीं डरते हैं। बहरहाल धमकी देने वाले की पूरी तरह से पहचान नहीं हो पाई है।