जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के नए प्रिंसिपल के लिए साक्षात्कार हुए। इसमें 28 डॉक्टर ने 4 मेडिकल कॉलेज के लिए साक्षात्कार दिए। जिसमे 9 डॉक्टर साक्षात्कार में नहीं पहुंचे। वहीं दूसरी और प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। आवेदन के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्तर पर वीआरएस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अंतिम निर्णय के लिए फाइल चिकित्सा मंत्री परसादी लाल को भेजी है। वीआरएस के बाद डॉ. भंडारी आरयूएचएस के स्थाई वीसी की जिम्मेदारी संभालेंगे। अभी डॉ. भंडारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत हैं, जबकि आरयूएचएस स्वायत्तशासी संस्था है। डॉ. भंडारी एसएमएस मेडिकल कॉलेज के 4 साल तक प्रिंसिपल रह चुके हैं। 4 जुलाई को कार्यकाल पूरा हो रहा है।सीएस उषा शर्मा की अध्यक्षता में हुए साक्षात्कार में 28 चिकित्सक शामिल हुए। डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. दीपक माथुर, डॉ. सुधीर मेहता, डॉ. विनय मल्होत्रा, डॉ. राजीव बगरहट्टा, डॉ. शिवम प्रियदर्शी, डॉ. राकेश जैन, डॉ. लीनेश्वर हर्षवर्धन, डॉ. प्रभा ओम, डॉ. रामेश्वरम शर्मा, डॉ. धीरज सक्सेना, डॉ. प्रवीण माथुर, डॉ. भावना शर्मा,डॉ. गोवर्धन मीणा, डॉ. बी पी मीणा, डॉ. चन्द्रभान मीणा, डॉ. संजीव देवगौड़ा, डॉ. सुशील, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ सी एल नवल, डॉ लोकेंद्र शर्मा, डॉ. गुंजन सोनी, डॉ. सुदेश अग्रवाल,डॉ. बाल किशन गुप्ता, डॉ. सुरेन्द्र कुमार, डॉ. परमेन्द्र सिरोही, डॉ. वीर बहादुर सिंह, डॉ. संजीव कुमार नैनीवाल ने पक्ष रखा। साक्षात्कार में आरयूएचएस के वीसी डॉ. सुधीर भंडारी, प्रमुख चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया और प्रमुख कार्मिक सचिव हेमन्त गेरा भी शामिल हुए। इधर डॉ. अरविन्द शुक्ला, डॉ. कुसुम लता, डॉ. मोहम्मद सलीम, डॉ. मुकेश आर्य, डॉ. राजेन्द्र बागड़ी, डॉ. रामेश्वर सुमन, डॉ. रोहित अजमेरा, डॉ. श्रीपहल राम मीणा, डॉ. तरूण लाल साक्षात्कार में नहीं पहुंचे।साक्षात्कार में चयन समिति का नए प्रोजेक्ट्स पर फोकस रहा। साक्षात्कार बोर्ड ने अधिकांश चिकित्सकों से आईपीडी टॉवर, कैंसर इंस्टीट्यूट, निशुल्क ओपीडी-आईपीडी सेवा सहित कई प्रोजेक्ट्स को लेकर विजन जाना, साथ ही पूछा अगर उन्हें जिम्मेदारी मिलती है तो वे कैसे इन प्रोजेक्ट्स को नई ऊर्जा देंगे। चिकित्सकों को विजन रखने के लिए तीन मिनट दिया गया।

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