श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ क्षेत्र में एटा सिंगरासर माइनर को लेकर मामला गर्म हो गया है। सरकार की बेरुखी को लेकर इस इलाके के 54 गांव प्यासे हैं। जबकि इसी क्षेत्र से इंदिरा गांधी नहर निकलती है। सरकार की बेरुखी के चलते अब की बार टिब्बा संघर्ष समिति व गंगानगर किसान समिति मिलकर क्षेत्र में एटा सिंगरासर माइनर के निर्माण को लेकर आंदोलन करेंगे।समिति ने 25 जून को थर्मल पावर स्टेशन के घेराव का निर्णय लिया है।किसानों का कहना है कि टिब्बा क्षेत्र के 54 गांव के लगभग डेढ़ लाख से ज्यादा आबादी पानी की कमी के चलते परेशानी में है। इस इलाके में 2011 में एटा सिंग राशर माइनर के निर्माण को लेकर सिद्धांत पर सहमति बनी थी । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पिछली सरकार के कार्यकाल में बजट स्वीकृत किया गया था। मगर यह मामला आज तक सिरे नहीं चढ़ पाया।एटा सिंगरासर माइनर संघर्ष समिति के संयोजक राकेश विश्नोई ने बताया कि पानी नहीं मिलने तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा। बिश्नोई का कहना है कि एटा सर सिंगर माइनर के निर्माण के क्षेत्र का बीच का इलाका पूरी तरह से बिरानी है। लगभग 30 किलोमीटर रेडियस के इस इलाके में 54 गांव आते हैं जहां पर यह पानी देना है। आईजीएनपी के द्वितीय चरण में आने वाले क्षेत्र में पानी देने की मांग को लेकर पहले सरकारों में स्वीकृति बनी थी कि आईजीएनपी में पानी सरप्लस होने पर इस क्षेत्र में पानी दिया जाएगा, मगर आज तक इस क्षेत्र की उपेक्षा की गई। इसी को लेकर किसान अब आंदोलनरत है जिसकी शुरुआत 25 जून से थर्मल के घेराव के साथ होगी। गुरुद्वारा सिंह सभा में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में किसान नेता संत वीर सिंह, राकेश बिश्नोई, हरजिंदर पाल सिंह, प्रगट सिंह ,जसवंत सिंह, प्रदीप सिंह गिल, रामकुमार  रणवीर सिंह भंगू ,बलराज मनोज जांगू ,प्रधान आदि ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ignp के मामले के साथ-साथ गंगनहर में भी पिछले 6 दिनों से हिस्से के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा। इस कारण किसान अपनी खेती को लेकर काफी चिंतित हो रहे हैं । किसानों की मांग है कि गंगनहर में पर्याप्त पानी को लेकर सिंचाई विभाग के कर्मचारी पंजाब में जहां से पानी छोड़ा जा रहा है वहां मौके पर जाएं व अपना हिस्सा मांगे ताकी राजस्थान के क्षेत्र में सिंचाई पानी की कमी ना हो सके।