जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
नमक कारोबारी जयपाल पूनिया के मामले को लेकर जयपुर के पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव सहित आला अधिकारियों ने सांसद हनुमान बेनीवाल,विधायक पुखराज गर्ग सहित विभिन्न नेताओं से समझौता वार्ता की। समझौता वार्ता में तय हुआ कि मामले की सीआईडी के डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन और जयपाल पुनिया हत्याकांड की अब एसआईटी द्वारा जांच कराई जाएगी। इस मामले को लेकर जयपुर में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह इस मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मामले को गंभीरता से लिया और उन्होंने इस मामले में सांसद हनुमान बेनीवाल से तत्काल वार्ता कर समझौता करने के निर्देश पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव को दिए। उनके निर्देश पर ही जयपुर पुलिस कमिश्नर अपने अधिकारियों की टीम के साथ महला पहुंचे और वहां पर उन्होंने इस मामले को लेकर बातचीत की और समझौता करने का प्रयास किया। यही नहीं वे हनुमान बेनीवाल को इस बात के लिए राजी करने में सफल हो गए कि मामले की एसआईटी से जांच करा ली जाएगी।दरअसल नावां के नमक कारोबारी जयपाल पूनिया हत्याकांड का आक्रोश अब जयपुर तक पहुंच गया है।मंगलवार शाम करीब 200 गाड़ियों का काफिला राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी संयोजक सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के निवास का घेराव करने के लिए जयपुर के लिए रवाना हुआ। प्रशासन ने महलां के पास काफिले को रोका और वार्ता की। जिसके बाद बेनिवाल ने कूच टाल दिया। पूर्व विधायक हरीश कुमावत आमरण अनशन पर बैठे हैं। हत्या के चौथे दिन भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।आरएलपी सांसद के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए जयपुर जाने पर सहमति हो गई है। प्रतिनिधि मंडल में आरएलपी सांसद, विधायक सहित कुछ प्रमुख लोगों शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त हिरासत में लिए गए पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वास के बाद सांसद बेनीवाल ने कूच को टाल दिया है।उससे पहले जोबनेर कस्बे के कृषि महाविद्यालय के सामने स्थित चौराहे पर पुलिस ने बेनिवाल के काफिले को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान समर्थकों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बेरिकेड्स को उखाड़ कर फेंक दिया और चार थानों की पुलिस को धता बताकर नागौर सांसद का काफिला कस्बे से निकल गया। इस दौरान बेनीवाल समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। एसडीएम ब्रह्मलाल जाट ने जयपाल पूनिया के परिजन विजयसिंह पूनिया के नाम शव के खराब होने का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम करवाने और शव के अंतिम संस्कार करवाने का नोटिस दिया। पुलिस से तामिल करवाए गए इस नोटिस को विजयसिंह व अन्य परिजनों ने लेने से मना कर दिया। इस पर पुलिस ने जयपाल के भाई कृष्ण पूनिया के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया।

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