डूंगरपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस सरकार और अधिकारियो के किसी भी मामले में नही सुनने से नाराज आदिवासी क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक गणेश घोघरा ने बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है। कांग्रेस के गिरते जनाधार को लेकर उदयपुर में चिंतन शिविर संपन्न हुए अभी 2 दिन ही बीते हैं। उदयपुर संभाग के डूंगरपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक गणेश घोघरा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपने विधायक पद से इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि नियमानुसार घोघरा को अपना स्तीफा विधानसभा स्पीकर को भेजते हुए कॉपी सीएम को भेजनी चाहिए थी।
विधायक ने अधिकारियों के साथ-साथ सरकार पर भी उनकी बातों को अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।विधायक गणेश घोघरा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सोपे इस्तीफे में लिखा है कि मैं डूंगरपुर जिला के विधानसभा क्षेत्र डूंगरपुर का विधायक हूं। साथ ही मुझे कांग्रेस आलाकमान के द्वारा प्रदेश का यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई है। खेद के साथ सूचित किया जाता है कि मैं सत्तारूढ़ पार्टी का विधायक हूं परंतु मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि राजस्थान सरकार के द्वारा में उक्त पदों पर पद आसीन होने के बावजूद मेरी बात को अनदेखा किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन पर आसीन अधिकारी भी मेरी बात को सुनने को तैयार नहीं है मैं मेरी विधानसभा क्षेत्र की जनता की समस्याओं की आवाज उठाने पर मेरी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है उपरोक्त सभी बातों को मद्देनजर रखते हुए मैं गणेश घोघरा विधानसभा क्षेत्र डूंगरपुर से अपना त्याग पत्र प्रेषित करता हूं।आपको बता दें, कि विधायक गणेश घोघरा ने मंगलवार को शिविर के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता की समस्याओं का समाधान अधिकारियों द्वारा नहीं करनी से नाराज होकर आक्रोशित होकर एसडीएम मणिलाल को बंधक बना दिया था। इसके बाद तहसीलदार ने सदर थाने में विधायक सहित 50 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।

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