श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर में अरोड़वंश मंदिर ट्रस्ट के चुनाव को लेकर गहमागहमी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को अंकुर मगलानी गुट ने जिला प्रशासन से 23 मई को होने वाले अरोड़ा समाज के चुनाव में भारत सरकार द्वारा मान्य आईडी से ही मतदाताओं को प्रवेश करवाने व मतदान करवाने की मांग की है। न कि अरोड़वंश ट्रस्ट द्वारा जारी किये गए मतदाता पहचान पत्र से। श्रीगंगानगर के एक होटल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में अंकुर मिगलानी गुट ने आरोप लगाया कि उनके प्रतिद्वंदी मूलचंद गैरा गुट द्वारा उनके परिवार का नाम लेकर समाज और उनके परिवार को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। उनसे वैचारिक मतभेद रखने वाले उनके भाई चचेरे भाई विजित मगलानी का नाम लेकर दुष्प्रचार किए जा रहे हैं। उनके चचेरे भाई वीजीत मिगलानी के पिता ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होकर कहा कि उनका अपने बेटे से कोई लेना देना नहीं है। वह इस प्रकार परिवार को तोड़ने वाला कार्य लगातार करता रहा है। उनका पूरा परिवार अंकुर मिगलानी का समर्थन कर रहा है और अरोड़वंश समाज के अध्यक्ष के रूप में उनको स्वीकृति दे रहा है। चुनाव के प्रत्याशी अंकुर मंगलानी ने कहा कि 1962 में ट्रस्ट की स्थापना की गई है तब से लेकर आज तक नगर परिषद क्षेत्र का स्थायी मतदाता ही अरोड़वंश समाज के चुनाव में मतदान कर सकता है। बाहर के ऐसे लोगों को दुर्भावनापूर्वक पूर्व कार्यकारिणी ने मतदाता पहचान पत्र बना दिए हैं जो नगर परिषद की सीमाओं से बाहर आसपास के गांव से और दूसरे जिलों से भी आए हैं। अंकुर ने स्पष्ट कहा कि आज समाज के चुनाव में उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने में गैर समाज के लोग भी अरोडा समाज में घुसकर उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसे गैर समाजी लोग उनके समाज के चुनाव से दूर रहें। इधर चुनाव करवाने की प्रक्रिया को लेकर भी अंकुर मगलानी ने चुनाव अधिकारियों पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल अरोड़वंश ट्रस्ट के द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र से भारी मात्रा में अवैध मतदान होने की आशंका है। इसलिए उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि समाज के जो चुनाव है वह भारत सरकार द्वारा मान्य आईडी से ही करवाई जाएं। इधर इन चुनाव को लेकर अंकुर मिगलानी के प्रतिद्वंदी मूलचंद गैरा का एक वीडियो वायरल ओर चर्चित हो रहा है, जिसमें वे एक जगह भाषण देने के दौरान अरोड़वंश समाज को कीचड़ की संज्ञा देते हुए इसमें नहीं आने की बात कह रहे हैं। इसे लेकर प्रबुद्ध लोगो का कहना है कि हमारे बुजुर्गों की बनाई हुई अरोड़ वंश संस्था जहां पर भगवान श्री राम का परिवार निवास करता है ऐसी पवित्र जगह को कीचड़ कह कर मूलचंद गेरा ने हर एक आरूटवंशी का अपमान किया है!

0 टिप्पणियाँ