जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान परिवहन विभाग के विवादित आदेश पर जहा गुर्जर नेता विजय बैंसला ने नाराजगी जताई है तो दूसरी ओर सियासत गरमा गई है।भाजपा ने भी विवादित आदेश को मुद्दा बना लिया है। भाजपा ने ट्विटर पर आदेश की कापी के साथ गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। हालांकि आदेश की संशोधित कॉपी जारी की गई है। लेकिन मामला बढ़ने पर आदेश निकालने वाले आरएसएस अधिकारी को सरकार ने निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल अपर परिवहन आयुक्त आकाश तोमर ने सोमवार को एक पत्र जारी किया है कि जिसमें कहा गया है कि वाहनों की नंबर प्लेट पर अब प्रधान, सरपंच, गुर्जर आदि लिखा होने पर कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश पूरे प्रदेश में वायरल हो गया और पत्र में खासकर गुर्जर जाति का नाम दिया गया था तो उसपर जाति विशेष के लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी हैं।
गुर्जर नेता विजय बैंसला ने ट्वीट कर कहा कि प्रशासनिक अधिकारी की किसी जाति पर इस तरह की टिप्पणी अशोभनीय है। गुर्जर समाज इसका विरोध करता है। मामले पर मंत्री अशोक चांदना ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा है कि इस तरह के आदेश से गुर्जर समाज को ठेस पहुंची है।
अधिकारी तोमर सचिन पायलट के रहे है विशिष्ट सहायक
राजस्थान प्रदेश की गहलोत सरकार में सियासी उठापटक से पहले सचिन पायलट के उपमुख्यमंत्री रहते समय आरएएस अधिकारी आकाश तोमर विशिष्ट सहायक लगे हुए थे। सचिन पायलट को जैसे ही मुख्यमंत्री पद से हटाया उसके बाद आकाश तोमर को भी एपीओ किया गया था। हालांकि कुछ दिनों बाद उन्हें पोस्टिंग दे दी गई थी।
आदेश के विरोध में अधिकारी पर गिरी गाज।
कार्मिक विभाग ने अपने आदेशों में कहा कि आकाश तोमर. आर.ए.एस. अतिरिक्त आयुक्त (प्रवर्तन), परिवहन विभाग, जयपुर को राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियन्त्रण और अपील) नियम, 1958 के नियम-13 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार निलंबित करने का तत्काल प्रभाव से आदेश जारी करती है। आकाश तोमर निलम्बन अवधि में मुख्यालय प्रमुख शासन सचिव, कार्मिक विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

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