जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एसओजी अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। 14 मई को हुई दूसरी पारी का पेपर आउट होने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा है। अब आरोपियों पर एसओजी नए कानून के तहत कार्रवाई करने वाली है। इनकी सम्पत्ति सीज की जाएगी। कम से कम 10 साल की सजा होगी। एसओजी के अधिकारियों ने मंगलवार को झोटवाड़ा स्थित दिवाकर पब्लिक स्कूल में भी सर्च किया है। स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज को जब्त किया गया है। वहां काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। एसओजी एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि जानकारी मिलने पर कई जगहों पर छापेमारी की गई थी। एक वायरल पेपर से मिले सबूतों को देखते हुए एक ऑपरेशन किया गया। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी। उन्होंने बताया कि 14 मई की दोपहर 1 बजकर 47 मिनट पर उनकी टीम को पेपर लीक होने की जानकारी मिली। वॉट्सऐप पर एक पेपर सामने आया है। उस पर लिखे नंबर पर जांच की तो दिवाकर स्कूल तक पहुंचे। एसओजी ने उसी दिन सेंटर पर दबिश दी। उसी शाम एग्जाम सेंटर से केंद्राधीक्षक प्रतापनगर मुरलीपुरा निवासी शालू शर्मा, सहायक अधीक्षक शालू के पति मुकेश, ग्रीन विहार निवासी कमल शर्मा, गोविंदगढ़ निवासी सत्यनारायण कुमावत, श्याम वाटिका निवासी रोशन कुमावत, टीसीएस प्रतिनिधि सोनीपत निवासी राकेश, गुड़गांव निवासी विक्रम सिंह, स्ट्रांग रूम प्रभारी एएसआई रतनलाल को जांच के बाद एसओजी के अधिकारी थाने ले आए। इनसे पूछताछ चल रही है। मोहन फरार है। इनकी गिरफ्तारी 17 मई को दिखाई गई है। ये परीक्षा टाटा कंसल्टेंसी सर्विस ने कराई है।

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