कोटा-हंसपाल यादव।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोटा महानगर का वर्ष प्रतिपदा उत्सव तथा नववर्ष समारोह महावीर नगर तृतीय स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य तथा पूर्व सकार्यवाहक सुरेश भैया जोशी थे। मुख्य अतिथि एलन कैरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक गोविंद माहेश्वरी थे। महानगर संघचालक गोपाल गर्ग भी मंच पर उपस्थित रहे। उत्सव की शुरूआत में घोष की धुन पर ‘‘केशव’’ रचना का वादन किया गया। इसके बाद संघ संस्थापक डाॅ. केशवराव बलिराम हेडगेवार की जन्म जयंती पर आद्य सरसंघचालक प्रणाम किया गया। इससे पहले दंड योग तथा सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन भी किया गया।
इस दौरान सुरेश भैया ने कहा कि हमें सद्गुणों से युक्त हिंदू समाज बनाना है। समाज को दुर्बल करने वाली शक्तियों से राष्ट्र का संरक्षण करना है। जाति, प्रदेश, क्षेत्र केवल व्यवस्थाएं हैं, लेकिन हमारी प्रतिबद्धता राष्ट्र के साथ है। हमारे ग्रंथों में सबकुछ लिखा है, लेकिन वह आचरण में लाने की जरूरत है। संघ की शाखा के माध्यम से देशभक्त, अच्छे हिंदू व अच्छे नागरिक बनाने का कार्य किया जा रहा है। डॉक्टर हेडगेवार ने नया कुछ नहीं शुरू किया युगों की परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निर्माण के साथ शुरू किया। उन्होंने कहा कि आक्रमणों के बाद भी हिंदू समाज का खड़ा रहना यह हमारी परंपरा का जीवन्त उदाहरण है।विचार, सिद्धांत व तत्वज्ञान के साथ चलने वाला व्यक्ति व समाज चाहिए। इसमें आयु, शिक्षा, आर्थिक व सामाजिक स्तर कुछ भी हो सकता है। किंतु वैचारिक प्रतिबद्धता एक साथ होकर समाज को संगठित करने का आधार है ।उन्होंने कहा कि जो धर्म को समझता है, ऐसे लोग कम नहीं है। जो धर्म को समझाने वाले हैं, ऐसे लोग भी कम नहीं है, लेकिन धर्म का आचरण अपने जीवन में करने वाले कितने हैं वही भगवान को सबसे प्रिय हैं । सुनना, समझना, स्वीकार करना, स्वीकार करने के बाद भी यह बात मेरे लिए ठीक नहीं है। किंतु स्वीकार कर अपने जीवन का आचरण बनाया जाना चाहिए यही सोच स्वयंसेवक की बननी चाहिए। सज्जन, सक्रिय, विचार संगठन के प्रति समर्पित करने वाले जीवन के साधन बनने वाला स्वयंसेवक चाहिए। इस दिशा में हम प्रेरित होकर आगे बढ़े। मैं उज्जवलता का स्वप्न साकार करने वाला स्वयंसेवक बनूंगा ऐसा विचार मन में रखकर आगे बढ़े और निर्दोष समाज का निर्माण करें। इस अवसर पर राजस्थान क्षेत्र के कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र द्विवेदी, प्रांत प्रचारक विजयानंद, मुरलीधर उपस्थित रहे।
मधुर स्वरलहरियों से गूंजा आसमान।
कार्यक्रम में भावगीत की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद घोष के वाद्यों से निकल रही मधुर स्वर लहरियों के बीच भगवा ध्वज फहराया गया। घोष के आणक, वंशी, बैण्ड, झांझ तथा बिगुल के द्वारा ध्वज वंदन, ध्वज अवतरण समेत एक से बढकर एक कर्णप्रिय रचनाओं का वादन किया गया।
वर्ष में एक बार सरसंघचालक प्रणाम।
संघ की कार्यपद्धति के अनुसार वर्ष में एक बार संघ के संस्थापक डाॅ. केशवराव बलिराम हेडगोवार को पूर्ण गणवेश में ‘आद्य सरसंघचालक प्रणाम’ किया जाता है। संघ की ओर से चैत्र शुक्ल एकम् को डाॅ. हेडगेवार को जन्मदिवस भी मनाया जाता है। इस दौरान डाॅ. हेडगेवार के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद आद्य सरसंघचालक प्रणाम किया गया। कार्यक्रम के बाद सभी ने एक दूसरे को युगाब्द 5124 तथा नवसंवत्सर 2079 की बधाई दी। स्वयंसेवक पेंट, सफेद शर्ट, काली टोपी, काले जूते, मौजे और दंड में उपस्थित थे।

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