जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर कांग्रेस की ओर से मोर्चा सँभालते हुए भाजपा और मोदी सरकार पर जबरदस्त प्रहार किए। गहलोत ने ट्विटर पर गरजते हुए लिखा  

"अच्छे दिन आयेंगे" से "अच्छे दिन कहां गए" की स्थिति आ गई।

भाजपा 2014 से पहले कहती थी- बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।

बीजेपी के राज में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, सब्जी, तेल, कपड़े, दूध, दवा, मोबाइल- टीवी रिचार्ज, हाईवे का टोल टैक्स सब महंगा हो गया।

2013 में नरेन्द्र मोदी का एक भाषण-

‘‘आप मुझे बताइये अगर इसी प्रकार से महंगाई बढ़ती गई तो गरीब क्या खायेगा? आज प्रधानमंत्री (डा. मनमोहन सिंह) यहां आए थे लेकिन प्रधानमंत्री महंगाई का ‘म‘ बोलने के लिए तैयार नहीं है। इनका अहंकार इतना है कि महंगाई के लिए एक शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं है। मरो तो मरो आपका नसीब। अरे गरीब के घर में चूल्हा नहीं जलता है। बच्चा रात-रात रोता है, मां आंसू पीकर सोती है और देश के नेताओं को गरीब की परवाह तक नहीं है। ये गरीबी का हाल कर दिया है। 4 तारीख को वोट करने जाएं तो ज़रा घर में जो गैस सिलेंडर हैं ना उसको ज़रा नमस्कार करके जाइये। गैस सिलेंडर छीन लिए इन लोगों ने और गैस जिस प्रकार से महंगा कर दिया है याद करके जाइये। - नरेन्द्र मोदी 


तब गैस का सिलेंडर 450 का हुआ करता था जो आज 900 रुपये का हो गया है पर मोदी जी महंगाई का म बोलने को तैयार नहीं हैं.

देश का कर्ज बढ़ता जा रहा है, मोदीजी के 7 साल में ढाई गुना कर्ज बढ़ गया. 2014 में लगभग 57 लाख करोड़ का कर्ज था जो 2022 में ये बढ़कर 136 लाख करोड़ हो गया.

बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, युवाओं के पास रोजगार नहीं है इसलिए समाज में अपराध भी बढ़ रहे.

एक साल में पेट्रोल 27, डीजल 25 रुपये महंगा हुआ. दिवाली पर पेट्रोल 5, डीजल 10 रुपये सस्ता किया अब 14 रुपये महंगा कर दिया.

बेसिक एक्साइज ड्यूटी, स्पेशल एक्साइज ड्यूटी, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी से लोगों की जेब लूट रहे.

बाबा रामदेव तब कहते थे कि पेट्रोल 40 रुपये प्रति लीटर और गैस सिलेंडर 300 रुपये का होना चाहिए. अब वो कहीं दिखाई नहीं देते हैं.

राजस्थान में तो हमने दवाइयां, इलाज सब फ्री कर दिया तो आप लोगों को चिन्ता नहीं है. बाकी राज्यों में लोग दवाएं तक नहीं खरीद पा रहे हैं.

श्रीलंका में आज लोगों के पास खाना नहीं क्योंकि वहां भी राष्ट्रवाद और अल्पसंख्यक विरोध के नाम पर ध्यान भटकाया गया. ऐसी ही दिशा में भारत को ले जाने की कोशिश कर रही है मोदी सरकार.

घरेलू LPG सिलेंडर महंगा यानी घर में खाना महंगा, पेट्रोल-डीजल महंगा यानी घर से कहीं भी बाहर जाना महंगा, कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा यानी घर से बाहर खाना महंगा।

बीजेपी को भरोसा हो गया है कि कितनी भी महंगाई बढ़ जाए पर धार्मिक ध्रुवीकरण से चुनाव जीत लेंगे.

आप सब तैयारी कर लें, 2023 में राजस्थान में और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को करारा जवाब देकर राजस्थान से भाजपा का सूपड़ा साफ कर देना है.


गहलोत ने भाजपा और उसके नताओं द्वारा गाँधी-नेहरू परिवार को निशाने पर लेने और पूरब प्रधानमंत्री की अनर्गल आलोचना के लिए भी मोडोई सरकार को आड़े हाथ लिया। गहलोत ने लिखा -

देशभक्ति तो हर हिन्दुस्तानी के दिल में है। नेहरू-गांधी परिवार के प्रति देशवासियों का विश्वास भी देशभक्ति के लिये इस गांधी परिवार द्वारा किये गये त्याग के कारण ही मिला है। इतिहास गवाह है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू देश की आजादी के लिए 10 साल से अधिक जेलों में बंद रहे। श्रीमती इन्दिरा गांधी युवावस्था में आजादी की लड़ाई में जेल गई। इन्दिरा जी एवं राजीव जी ने अपनी शहादत इस देश के लिए दे दी। 30 साल से गांधी-नेहरू परिवार का कोई व्यक्ति किसी भी संवैधानिक (प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री/मंत्री) पद पर नहीं रहा। श्रीमती सोनिया गांधी ने 2004 में प्रधानमंत्री पद का भी त्याग किया। यदि कांग्रेस पार्टी गांधी-नेहरू परिवार के नेतृत्व में विश्वास करती है। प्रधानमंत्री इस पर कटाक्ष करें तो यह प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ है। वो नेहरूजी का तो अपमान करने का प्रयास करते ही है, परन्तु एक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने पूर्व प्रधानमंत्रियों के द्वारा देश के लिए किये गये योगदान व उनकी शहादत पर एक शब्द नहीं बोलते, पूरा देश जानता है।