जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कथक नृत्य की नज़ाकत को दर्शको ने खूब सराहा। अवसर था गुलजार वायलिन अकादमी की ओर से आयोजित संगीत सभा सबक का जहां कथक की प्रसिद्ध कलाकार श्वेता गर्ग  और उभरती हुई कलाकार तनिष्का, सुरभि, अंजली, प्रियाशा ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति  पेश की ।ध्रुव पब्लिक स्कूल के संयोजन में    गुलज़ार वायलिन अकादमी की ओर से आयोजित मासिक कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि  समाजसेवी श्रीमती शीला राठौड़ जी के  स्वागत से की  सचिव गुलाम फरीद  वे अध्यक्ष गुलज़ार हुसैन ने सभी का सम्मान किया।  इस अवसर पर कथक नृत्यांगना श्वेता गर्ग ने शिव स्तुति 'रंगीला शंभू' से कार्यक्रम की शुरुआत की।
तत्पश्चात  जयपुर घराने का शुद्ध कथक नृत्य ताल त्रिताल मे प्रस्तुत किया जिसमे  थाट, आमद, दोहरा , तिपल्ली, मेरू खंड की परण, मेघ परण, कवित्त,लड़ी आदि की  प्रस्तुत दी । तथा अंत मैं श्रृंगार रस पर आधारित ठुमरी "मोहे छेड़ो ना नंद के सुनो मोरे श्याम " को बेहद खूबसूरत अंदाज़ में प्रस्तुत किया।
वहीं उनकी शिष्याएं तनिष्का, सुरभि, अंजली, प्रियाशा ने अपने कथक नृत्य की शुरुआत 'यो नृत्याति'  श्लोक से की इसके पश्चात्  जयपुर घराने का शुद्ध कथक नृत्य ताल गजझंपा 15 मात्रा में  थाट, आमद, परन, तोड़े, चक्करदार तोड़े ,कवित और लड़ी प्रस्तुत की'
संगतकारों में पडंत पर  श्री कौशल कांत पँवार, तबले पर आदित्य सिंह राठौड़,  गायन व नगमे पर श्री रमेश मेवाल ने असरदार संगत की। 
इस मौके पर युवा कलाकार तनिष्का मुदगल, सुरभि वर्मा ,अंजली टांक, प्रियाशा जैन को 'उदयमान साधिका' उपाधि, व श्वेता गर्ग को 'सुर श्रृंगार रत्न' उपाधि से सम्मानित किया । 
कार्यक्रम मे  नीरज प्रजापति ,  तान्या भादुड़ी, डॉ.प्रतिष्ठा पारीक, मेराज, मोहम्मद उमर , बिलाल हुसैन ,अन्वी सचेति, यशा शामसुखा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।