करौली ब्यूरो रिपोर्ट। 
करौली शहर मे दो अप्रैल नव संवत्सर के अवसर पर आयोजित बाईक रैली पर पथराव, चाकूबाजी,आगजनी, तोडफोड की घटना के बाद उपजे तनाव के बाद  पुलिस ने अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमो का गठन कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिये है। वही पुलिस ने घटना के मामले मे फरार चल रहे चार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के लिए कोर्ट मे वारंट पेश किया है। कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद जल्द ही आरोपियों की संपत्ति पर कुर्की करने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह इंदौलिया ने बताया कि करौली में 2 अप्रैल को हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली जा रही बाइक रैली पर फूटाकोट चौराहे के पास हटवारा बाजार मे असमाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया था। पथराव में 42 से अधिक लोग घायल हो गए थे। वही असामाजिक तत्वों ने चाकू बाजी और आगजनी की घटना को भी अंजाम दे दिया था। जिसके बाद पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए अब तक 31 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य चार आरोपी फरार चल रहे हैं। जिनमें करौली नगर परिषद के पूर्व सभापति एव जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर, हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह गुर्जर, पार्षद मतलूब अहमद और अन्ची फिलहाल फरार हैं। जिनके लिये एसआईटी की टीम और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया है जो आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। इधर पुलिस ने फरार चल रहे चार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की भी कार्रवाई तेज कर दी है। इसके लिए पुलिस की ओर से संपत्ति कुर्क करने के लिए कोर्ट में वारंट पेश किया गया है। अदालत से वारंट जारी होने के बाद चारों आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

यह था पूरा मामला 
आपको बता दें कि करौली में 2 अप्रैल को हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में बाइक रैली निकाली जा रही थी। तभी फूटाकोट चौराहे के पास हटवारा बाजार मे बाइक रैली पर पथराव की घटना हो गई थी। घटना से आक्रोशित लोगो ने कई दुकानों और मकानों को आग के हवाले कर दिया था। पथराव मे 42 से अधिक लोग घायल हो गए थे। जिसके बाद 20 से अधिक लोगों ने करौली कोतवाली थाने में मामला भी दर्ज कराया है। वहीं पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले 31 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वही अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद करौली शहर मे 15 दिन तक कर्फ्यू लगाया गया था। तो वही अफवाहों के दौर को देखते हुए करौली जिले मे इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई थी।