श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ की रोही के टीबों में 17 मार्च को मिले गंभीर अवस्था में घायल अज्ञात बालक को अधमरा करने वाले आरोपियों का श्रीगंगानगर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गौरतलब है की सूरतगढ़ के हनुमान मंदिर मानकसर पीलीबंगा रोड के पास धोरो में एक बालक घायल अवस्था में मिला था। घायल बालक के मुंह पर काफी चोट लगी हुई थी तथा जीभ कटी हुए थी इस कारण बोल नहीं पा रहा था। कांस्टेबल राम कुमार द्वारा बालक को तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर राजकीय अस्पताल सूरतगढ़ लाया गया। जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद से गंगानगर रेफर किया गया। इसके बाद इसे बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रेफर किया गया। अज्ञात बालक के परिजनों व अज्ञात मुलजिम की तलाश के लिए विशेष रूप से टीम गठित की गई और इस आधार पर मुलजिम की तलाश शुरु की गई। गंभीर घायल बालक के परिजनों का पता लगाने के बालक की फोटो सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया में भी प्रचार-प्रसार करवाया गया। फोटो को देखकर पुलिस थाना हनुमानगढ़ टाउन में दर्ज गुमशुदगी पर एक परिवार इसे देखने आए। परन्तु उनके द्वारा बाद में बालक को अपना नहीं बताने पर बालक के परिजनों की फिर तलाश की गई। इस प्रकरण में पीड़ित बालक के परिजनों व घटना को कारित करने वाले लोगों की तलाश के आधार पर हनुमानगढ़ पीलीबंगा मोहनगढ़ संभावित स्थानों पर तलाशी मुखबिरी के आधार पर मुलजिम की तलाश के विशेष प्रयास किए गए। तलाश के दौरान पता चला कि अज्ञात घायल बालक माधव पुत्र श्रवण चौधरी जो मूल रूप से दरभंगा बिहार का रहने वाला है। उक्त घटना से तीन-चार दिन पहले एक औरत दो आदमी जिसमें 1 जवान व्यक्ति के साथ सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर आए थे। रेलवे स्टेशन पर रुके थे। जिसके बारे में कांस्टेबल ओमप्रकाश को गोपनीय सूत्रों से पता चला कि उसकी माता पूजा और बालक के पिता चौधरी रेलवे स्टेशन पर लेकर आने के बाद उन्होंने खटीक मोहल्ला में कमरा लेकर आए थे। माधव के पिता श्रवण चौधरी ओर दादा रामरसी चौधरी को पकड़कर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह बालक माधव को अपनी संतान नहीं मानता था। उक्त बालक जन्म के 2 माह बाद से अपनी नानी के पास दिल्ली में बिहार में रह रहा था। जब से बालक अपनी मां के साथ रहने के लिए आया है। तब से बालक माधव को पिता श्रवण और दादा रामरसी चौधरी साथ रखने से मना कर रहे थे। साथ ही बालक के हाथ पैर बांधकर अमानवीय व्यवहार कर रहे थे। इसके बाद 16 मार्च को जब बालक की मां पूजा देवी बाजार गई तो पीछे से श्रवण चौधरी व दादा रामरसी चौधरी बालक माधव को अपने साथ बायपास हनुमान मंदिर के पास रेत के धोरों रेत के धोरों में ले जाकर बालक के साथ ईट से मारपीट की। और बालक को मरा हुआ समझकर आ गए और बालक की मां पूजा देवी द्वारा बालक माधव के पूछने पर बालक को उसके मामा अंकित के पास भेजना बताया। अगले रोज रेलवे स्टेशन के पास के मकान में कमरा किराए पर लेकर रहने लगे। मुकदमे में आरोपी श्रवण कुमार चौधरी व रामरसी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया आगे और ज्यादा पूछताछ जारी है