जयपुर।

सुप्रीम कोर्ट ने एकल पट्टा मामले में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और तत्कालीन उप सचिव आईएएस एनएल मीणा के खिलाफ दायर परिवादी रामशरण सिंह की प्रोटेस्ट पिटीशन पर एसीबी कोर्ट को 10 दिन में फैसला करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि वह मामले में हाईकोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना निष्पक्ष फैसला करे। 

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा राज्य सरकार की बहस 21, 23 व 29 मार्च को हो चुकी और लिखित बहस भी पेश कर दी गई है।

परिवादी के वरिष्ठ अधिवक्ता सुल्तान सिंह ने कहा राज्य सरकार मामले को खींचना चाहती है और हाईकोर्ट से तथ्यों को छिपाया था। एसीबी कोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य पक्षकारों की विस्तृत बहस सुनकर फैसला देना तय किया था। हालांकि राज्य सरकार ने एसीबी कोर्ट के आदेश से पहले ही नए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति कर दी।

राज्य सरकार ने एसीबी कोर्ट की उस कार्रवाई का ब्यौरा हाईकोर्ट को नहीं दिया जिसमें राज्य सरकारऔर एसीबी के अधिवक्ता की बहस पूरी होने पर फैसला देना तय किया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई का मौका दिए बिना ही फैसला दिया, जो गलत है। गौरतलब है कि परिवादी ने एकल पट्टा मामले में शांति धारीवाल और एनएल मीणा के पक्ष में वर्ष 2019 में क्लोजर रिपोर्ट देने काे एसीबी कोर्ट में चुनौती देते हुए धारीवाल और मीणा के खिलाफ प्रसंज्ञा