श्रीगंगानगर - राकेश मितवा
स्पेशल ओलंपिक भारत द्वारा श्रीगंगानगर में 7 अप्रैल को दिव्यांगजनो के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में हिस्सा लेने के लिए 13 सौ से अधिक स्पेशल दिव्यांग जनों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है । अंध विद्यालय में आयोजित इस महोत्सव में दिव्यांग जनों के स्वास्थ्य को लेकर के 75 से अधिक चिकित्सकों की टीम सेवा में जुट गई है । स्पेशल ओलंपिक भारत की राजस्थान की चेयर पर्सन विनीता आहूजा ने बताया कि कोरोना काल के बाद दिव्यांग जन के स्वास्थ्य तथा उनके खेल से संबंधित गतिविधियों में एक लंबा अंतराल आ गया था। इसके लिए स्पेशल ओलंपिक भारत द्वारा ऐसे स्पेशल दिव्यांग जनों को वापस मुख्यधारा में लाने के लिए उनके स्वास्थ्य के चेकअप के दिशा के साथ-साथ उन्हें वापस खेल गतिविधियों की ओर मोड़ने के लिए इसका आयोजन किया जा रहा है। देश भर में 75000 से अधिक विशेष दिव्यांग जनों का एक साथ स्वास्थ्य जांच की जाएगी और अकेले राजस्थान में 13 सौ से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन अपना करवा लिया है ।
गौरतलब है कि इन खिलाड़ियों को अब वापस स्पेशल ओलंपिक खेलने के दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।  विनीता आहूजा ने बताया कि इस आयोजन के दौरान स्माईल कैंपेन के तहत इनकी डेंटल जांच की जाएगी ,वहीं फिजिक के तहत इनके फिजिकल हेल्थ का प्रमोशन किया जाएगा साथ ही साथ इनके खाने पीने से संबंधित न्यूट्रीशनल जांच भी की जाएगी।  इसके अलावा उनकी आंखों के साथ-साथ जनरल चेकअप भी किया जाएगा।
एरिया डायरेक्टर बीके सिंह ने बताया कि देश भर में एक साथ होने वाले इस प्रकार के स्वास्थ्य महाकुंभ को लेकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी इसे स्थान मिलने की पूरी पूरी संभावना है ।ऑनलाइन इसका पूरा इंद्राज किया जाएगा ,जिसके जरिए यह आयोजन गिनीज बुक लिम्का बुक और एशिया बुक के लिए अपना स्थान बनाएगा । 
       इन स्पेशल खिलाड़ियों स्वास्थ्य महाकुंभ के लिए श्रीगंगानगर जयपुर जोधपुर उदयपुर और कोटा में आयोजन किए जा रहे हैं । जिनमें सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन श्रीगंगानगर में हुआ है। स्पेशल ओलंपिक राजस्थान चैप्टर की चेयरपर्सन विनीता आहूजा ने आमजन से भी इस आयोजन में शरीक होने की अपील की है  इस आयोजन में शरीक होने के साथ-साथ हर प्रकार के सहयोग की भी अपील की है । विनीता आहूजा ने बताया कि आमजन इस प्रकार के आयोजन में दर्शक के रूप में, वालंटियर के रूप में, स्पॉन्सरशिप के रूप में ,विभिन्न प्रकार के खेलों के बच्चों को ट्रेनिंग देने के रूप में ,साथ ही इन खिलाड़ियों को ट्रेनिंग फैसिलिटी के उपकरण उपलब्ध करवाने व दानदाता के रूप में भी अपना योगदान दिया जा सकता है।