गर्मी का सीजन शुरू होते ही राजस्थान तपने लगा है। अप्रैल के पहले वीक में तापमान 44 डिग्री को पार कर गया है। गर्मी की सबसे ज्यादा मार सीमावर्ती जिले झेल रहे हैं। प्रदेश के बाकी जिलों के तापमान में भी सीमावर्ती जिलों से अधिक अंतर नहीं है। चिलचिलाती धूप और हीटवेव का असर आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि इस वर्ष तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है। इस सीजन में पहली बार राजस्थान में दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस चला गया है।

मंगलवार को बांसवाड़ा 44.3 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। वहीं, डूंगरपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। पिछले 12 साल की रिपोर्ट देखें तो बाड़मेर, जोधपुर, चूरू, बीकानेर, कोटा में अप्रैल में तापमान 44 डिग्री या उससे ऊपर जाता है। वेर्स्टन विंड से भी आसमान में ऊंचाई पर तापमान अधिक रहने और दबाव की स्थिति बनी रहने के कारण सरफेस लेवल पर तापमान ज्यादा रहने लगा है।

40 डिग्री के पार तापमान
राजस्थान में मंगलवार को दिन का तापमान पहली बार सीकर को छोड़कर सभी जगह 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड हुआ। कोटा, बाड़मेर, जैसलमेर, फलौदी, बीकानेर, गंगानगर, धौलपुर, टोंक, बारां, जालोर, सवाई माधोपुर और करौली में मंगलवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड हुआ। उदयपुर में इस सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

रात में भी राहत नहीं

राजस्थान के पश्चिमी बेल्ट में गर्म हवाएं चलने से लोग परेशान हैं। बाड़मेर, जालोर, जोधपुर, पाली एरिया में इन हवाओं का असर सबसे ज्यादा है। मौसम केंद्र के मुताबिक 10 अप्रैल तक प्रदेश में तापमान में गिरावट होने की कोई उम्मीद नहीं है। कुछ अन्य शहरों में दिन के साथ ही रात के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी की संभावना है।





(दैनिक भास्कर से साभार)