श्रीगंगानगर - राकेश मितवा
'चिट्टे ने घर पट्टे' मेरा ता मर गया,किसे होर दा ना मरे...ये कहना है उस दुःखी पिता लखवीर सिंह का जिसका 21 वर्षीय बेटा रजत सिंह 14 अप्रैल को चिट्टे नशे का ओवरडोज़ इंजेक्शन लेने से मर गया l अब यह दुःखी पिता आम लोगों से अपील कर रहा है कि मेरा तो चिट्टे नशे के कारण मर गया,लेकिन आप अपने बच्चों का ध्यान रखिये l इस दुःखी पिता ने अब जिले में पानी की तरह बिक रहे चिट्टे नशे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और लोगों से अपील कर रहा है ।
लखवीर सिंह ने अनेक लोगों के साथ मिलकर आज लालगढ़ जाटान भगतसिंह चौक से पैदल यात्रा कर श्रीगंगानगर आकर कलेक्टर जो ज्ञापन सौंपा।  इस यात्रा में क्षेत्र के सैंकड़ों लोग लखवीर सिंह का समर्थन कर रहे है l लखवीर सिंह का कहना है वह किसी का विरोध नहीं कर रहे बल्कि इस मुहिम के जरिये लोगों को जागरूक कर रहे है कि गांव शहर ढाणी में नशा बेचने वालों को वहां से उखाड़ फेंके और पुलिस भी क्षेत्र में बढ़ रहे नशे पर लगाम लगाने के प्रयास करें l
लखवीर सिंह ने बताया है उसका 21 वर्षीय बेटा रजत सिंह बास्केटबॉल का खिलाड़ी था और उसने अनेक राष्ट्रीय राज्यस्तरीय प्रतियोगिताए खेली थी और मैडल जीते है l रजत सिंह श्रीगंगानगर में एमडी कॉलेज में बीए की पढाई कर रहा था और वह कुछ समय से श्रीगंगानगर ने रहने वाले असामाजिक तत्वों की संगत में था जो नशा करते है l उन्हीं की वजह से वह चिट्टे नशे के इंजेक्शन लेने लग गया था और जैसे ही इसका पता घर पर चला तो उसको गंगानगर जाने से रोक दिया गया l 
14 अप्रैल शाम को उसने चिट्टे का ओवरडोज़ इंजेक्शन लगा लिया जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई थी l  
नोजवान रजत की मौत के बाद पालिका के लोगों में भारी आक्रोश है और स्थानीय पुलिस प्रसाशन पर सवाल खड़े हो रहे है l लोगों का कहना है कि लालगढ़ जाटान सहित आसपास के गाँवो में भारी मात्रा में चिट्टा बिकता है,गाँव के ज्यादातर युवा इसकी चपेट में है l स्थानीय निवासी बलकौर सिंह का कहना है कि पालिका में मेडिकल ज्यादा है और डॉक्टर कम,ये मेडिकल सटोर पर नशीली दवाइयां बेची जाती है आज तक इन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई l