चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव के होने में अब 2 वर्ष से भी कम समय रह गया है। ऐसे में एक बार फिर से नेताओं को अपने पुराने संसदीय क्षेत्रों की याद आने लगी है। इसी के अंतर्गत करीब 3 वर्ष बाद वर्तमान मे वरिष्ठ नागरिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष और पिछले लोकसभा चुनाव में चित्तौड़गढ़ से प्रत्याशी गोपाल सिंह ईडवा चित्तौड़गढ़ पहुंचे। जहां पर उन्होंने कांग्रेस के कुछ चुनिंदा पदाधिकारियों से मुलाकात की है। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव चित्तौड़गढ़ से ही लड़ने की इच्छा भी जाहिर की है।सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए गोपाल सिंह ईड़वा ने कहा कि कोरोना काल के चलते विगत 3 वर्षों से चित्तौड़गढ़ के दौरे पर नहीं आ सके थे और अब जबकि संक्रमण का दौर लगभग समाप्त हो चुका है। एक बार फिर से चित्तौड़गढ़ पहुंचकर उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों और आमजन से मिलकर उनकी नाराजगी और समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जिले सहित प्रदेश के अन्य जिलों में वरिष्ठ नागरिकों को होने वाली समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जा रही है और जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई स्थानों पर संचालित हो रहे निजी वृद्धाश्रमो में लापरवाही होने के साथ फर्जीवाड़े में फंड इकट्ठा करने की जानकारी सामने आई है। उनकी जांच करवा कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इच्छा जाहिर की है कि अगर पार्टी की ओर से लोकसभा का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव आता है तो उनकी पहली प्राथमिकता चित्तौड़गढ़ ही होगी। उन्होंने विधानसभा चुनाव यहाँ से लड़ने से इंकार कर दिया। बरहाल जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आएगा वैसे -वैसे पिछले 3 वर्षों में चित्तौड़गढ़  को भूल चुके नेताओं को एक बार फिर से यहाँ की याद आना स्वाभाविक ही है। क्योंकि चित्तौड़गढ़ हमेशा बाहरी नेताओं की स्थली रही है और यही कारण है कि पार्टी बाहरी प्रत्याशी को यहां से उम्मीदवार बनाना पसंद करती है। अब देखना यह है कि गोपाल सिंह ईडवा चित्तौड़गढ़ से लोकसभा का चुनाव लड़ने का जो सपना देख रहे हैं यह सपना कितना सच होता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। जिसके लिए ईडवा की दौड़ भाग शुरू हो गई है। पत्रकार वार्ता के दौरान कपासन से विधानसभा चुनाव प्रत्याशी आनंदी राम खटीक, करण सिंह सांखला, एहसान खान पठान भी मौजूद रहे।