चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
चित्तौडग़ढ़ मे दशा माता का पर्व हर्ष उल्लास के साथ  परंपरागत रूप  से मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओ ने विभिन्न मंदिरो के साथ अन्य स्थानों पर पीपल के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा कर परिवार में सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर महिलाएं नए परिवेश से सज धज कर हाथों में पूजा की थाली लिए महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में पीपल के वृक्ष की पूजा अर्चना की। पूजा स्थल पर पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही, वहीं पूजन के बाद महिलाओं ने अपने गले में पहनी दशा माताजी की धागे की पुरानी बेल को उतारकर नई बेल धारण की। पूजा अर्चना के बाद नई दुल्हनों ने बुजुर्ग  की महिलाएं के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लिया एवं दशा माता की कहानियां सुनकर अपना व्रत खोला। इसके बारे में जानकारी देते हुए नीला पोरवाल ने बताया कि वर्ष में एक बार मनाया जाने वाला दशा माता का पर्व पर सभी सुहागन स्त्रियां सवेरे से निराहार रहकर पीपल की पूजा करती है। उसके पश्चात दशा माता की कथा का श्रवण किया जाता है। उन्होंने बताया कि घर में सुख शांति और समृद्धि के साथ पति की लंबी उम्र की कामना के लिए स्त्रियां इस पर्व को मनाती है। इस बार दशा माता का पर्व को लेकर महिलाएं अलग-अलग जगह पूजने का दौर दिन भर कई जगह दशामाता आज मनाई गईं। कई जगह कल मनाई जाएगी।