चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
पोस्टल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में जिले भर में अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ, नेशनल यूनियन ऑफ पोस्टल एंप्लॉय, एवं अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन डाक कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में हड़ताल जारी रखी, जिसके चलते जिले के विभिन्न डाकघरों में लेनदेन और डाक वितरण का कार्य प्रभावित हुआ।
इसके बारे में जानकारी देते हुए यूनियन के पदाधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि विगत लंबे समय से पोस्टल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन के पदाधिकारियों और सरकार के मध्य विभिन्न मांगों को लेकर कई बार वार्ता हुई है। लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाने के बाद समस्त डाक कर्मी दो दिवसीय हड़ताल करने पर मजबूर हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन व्यवस्था को शुरू करने, ग्रामीण डाक सेवकों को नियमित कर सरकारी सेवक का दर्जा दिया जाए, सरकारी विभागों का निजीकरण बंद कर सुनिश्चित रोजगार के अवसर सृजित करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों के निर्देशानुसार अपनी मांगों को मनवाने के लिए लंबी हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ेगा।दो दिवसीय हड़ताल के दौरान जिला मुख्यालय के मुख्य डाकघर सहित अन्य डाकघरों में पर ताले लटके रहे और डाक का वितरण भी नहीं किया गया।

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