जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
संसदीय कार्य मंत्री शांती कुमार धारीवाल ने विधानसभा में गृह मंत्री की ओर से बताया कि हनुमानगढ़ के नोहर में ई-मित्र संचालक की हत्या के मामले में जांच जारी है। एसओजी एवं पुलिस थाने द्वारा लगातार जांच की जा रही है। रिश्तेदारों, पड़ौसियों, और संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हत्या मामले में जांच के संबंध में कोई और भी सुझाव सामने आयेंगे तो जांच कराई जायेगी और प्रकरण में अनुसंधान जारी है। धारीवाल शून्यकाल में सदस्य अमित चाचाण द्वारा इस संबंध में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि 17 अक्टूबर 2017 को दीनदयाल ब्राह्मण निवासी जसाना ने रिपोर्ट पेश की, कि उसके भतीजे ई-मित्र संचालक पवन व्यास की गांव के पंचायत भवन में अज्ञात व्यक्ति ने गला काटकर हत्या कर दी। रिपोर्ट पर प्रकरण संख्या 537/2017 धारा 302, 452 भा.द.स. पुलिस थाना नोहर में दर्ज कर अनुसंधान तत्कालीन थानाधिकारी पुलिस थाना नोहर द्वारा शुरू गया। उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस द्वारा प्रकरण में अनुसंधान किया गया, लेकिन अज्ञात मुल्जिम का पता नहीं चल सका। इसके बाद प्रकरण को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध शाखा, राजस्थान, जयपुर के आदेश 6 दिसंबर 2018 के द्वारा अग्रिम अनुसंधान के लिए एसओजी राजस्थान, जयपुर को भिजवाया गया।उन्होंने बताया कि प्रकरण में अज्ञात मुल्जिमान की गिरफ्तारी के लिए महानिदेशक पुलिस, एटीएस एवं एसओजी राजस्थान जयपुर के आदेश 22 अप्रेल 2019 के द्वारा 50,000 रुपये ईनाम की घोषणा की गई, लेकिन अज्ञात मुल्जिम का पता नहीं चला। प्रकरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसओजी जोधपुर द्वारा 19 दिसंबर 2019 के द्वारा एफआर अदम पता मुल्जिमान की अनुशंषा की जाकर प्रकरण पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए स्थानीय पुलिस को भिजवाई गई। धारीवाल ने बताया कि स्थानीय पुलिस द्वारा प्रकरण का अग्रिम अनुसंधान करने के लिए हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक के आदेश 20 फरवरी 2020 के द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नोहर से सुपरविजन में एस.आई.टी. का गठन कर प्रकरण का अनुसंधान किया गया। इस संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय में दायर याचिका एसबी क्रिमिनल (पीटीसन) रामस्वरूप बनाम राज्य सरकार में आदेश 26 नवंबर 2021 में प्रकरण के अनुसंधान की तत्समय की स्थिति के बारे में अप्रसन्नता व्यक्त करते हुये, महानिरीक्षक पुलिस, बीकानेर रेंज, बीकानेर को आदेशित किया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक अनुसंधान दल का गठन करे। अनुसंधान का स्वयं पर्यवेक्षण करें। इस संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा 4 सप्ताह में प्रकरण में प्रगति दर्शित करने के लिए निर्देशित किया।उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ द्वारा 17 मार्च 2022 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोहर के नेतृत्व में 12 सदस्यों की विशेष टीम का गठन कर प्रकरण को सफल बनाने के निर्देश दिये गये। प्रकरण दर्ज होने की दिनांक से अब तक स्थानीय पुलिस एवं एसओजी के द्वारा प्रकरण में जमाना गांव में मृतक के परिजन, पड़ौसियों व संदिग्ध 276 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। मामले में 6 लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट करवाया जा चुका है। परिवादी पक्ष के बताये अनुसार संदेहप्रद व्यक्तिगण ग्रामसेवक सुखदेव सिंह, कनिष्ठ लिपिक मुन्नी देवी, कम्प्यूटर ऑपरेटर राममूर्ति व चौकीदार कृष्ण कुमार से पवन कुमार की हत्या के संबंध में पुनः पूछताछ की गई, लेकिन इनकी संलिप्तता के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। वर्तमान में महानिरीक्षक पुलिस, बीकानेर रेंज के पर्यवेक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोहर के निर्देशन में गठित टीम द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है। प्रयासों के बाद अभी तक अज्ञात मुल्जिम का कोई सुराग नहीं लगा है। प्रकरण में अनुसंधान जारी है।

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