जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान में महिलाओं और बच्चियों के विरूद्ध होने वाले मामलों के निस्तारण में तेजी देखने को मिल रही है। इससे पीडितों को त्वरित न्याय मिल रहा है तो अभियुक्तों को उनके किए की सजा मिलने लगी है।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस और अभियोजन विभाग को निर्देश दे रखे हैं कि बलात्कार और पोस्को एक्ट में दोषी मुलजिमों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में कोई कोताही न बरतें। इसी का नतीजा है कि पिछले तीन सालों में इन मामलों में पुलिस समय पर कोर्ट में चालान पेश करती है और अभियोजन पक्ष आरोपियों का दोष सिद्ध करता है जिससे कोर्ट द्वारा अपराधियों को आजीवन से लेकर अन्य सजाएं और फांसी तक दी जा रही है। जयपुर के नरेना में एक चार साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के केस में मुलजिम को मिली फांसी की सजा इसका ताजा उदाहरण है। इस केस में 700 पुलिस वालों ने कडी से कडी जोडते हुए केवल 15 घंटे में आरोपी को पकडा, तीन दिन में डीएनए रिपोर्ट आई, आठ दिन में पुलिस ने चालान पेश किया। कोर्ट में रोज सुनवाई हुई, अभियोजन पक्ष ने 41 गवाहों के बयान कराए,  141 दस्तावेजों को प्रदर्श कराया, नतीजा यह हुआ कि 6 माह में ही फैसला आ गया। प्रदेश में 2019 में बलात्कार के मामलों में 14 आजीवन कारावास की सजा हुई तो 77 अन्य सजाएं हुई। इसी तरह 2020 में कोर्ट ने 3 आजीवन कारावास व 42 अन्य सजाओं से अपराधियों को दंडित किया। 2021 में 7 आजीवन कारावास और 33 अन्य सजा के माध्यम से मुकदमों का निस्तारण हुआ। पोस्को जैसे संगीन मामलों में तेजी से न्याय देखने को मिला। 2019 में झालावाड में इस मामले में एक फांसी की सजा हुई, तो प्रदेश की विभिन्न अदालतों ने 68 आजीवन कारावास व 188 अन्य सजा हुई। 2020 में प्रदेश की पोस्को अदालतों ने 5 फांसी की सजा व 38 आजीवन कारावास व 147 अन्य सजा दे कर मुलजिमों को उनके अंजाम तक पहुंचाकर पीडितों को न्याय दिया।
नागौर के पादूंकला में कुत्तों से बचाने गई सात साल की मासूम को मुंहबोली मामा ने नोचा, दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या-आरोपी दिनेश को प्रकरण दर्ज होने के एक माह में फांसी की सजा।

पुष्कर, अजमेर में 11 माह की बच्ची से पिता ने विभत्स काम किया-आरोपी को 4 माह में फांसी की सजा।
जयपुर के कोटखावदा में 9 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म-आरोपी कमलेश मीणा के विरूद्ध 18 घंटे में चालान पेश, 9 दिन के भीतर सजा, 20 वर्ष का कारावास एवं 2 लाख का अर्थदण्ड।

महिला थाना सवाईमाधोपुर में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म- दो आरोपियों को दो माह के भीतर 20 वर्ष के कारावास एवं 65,000 रूपए का जुर्माना।

पिलानी, झुंझुनूं में 5 वर्ष की बालिका से दरिंदगी- मात्र 10 दिन में चालान पेश, न्यायालय ने 18 दिन में आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

कांकरोली, राजसमंद में बलात्कार - पुलिस ने 10 दिन में चालान पेश किया और एक महीने के भीतर कोर्ट ने मुलजिम को अंतिम सांस तक कारावास की सजा दी।
वर्ष 2021 में 510 पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों में सजा 35 प्रकरणों में आजीवन कारावास 4 प्रकरणों में मृत्युदंड।