कैलादेवी/करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
करौली जिले की ग्राम पंचायत कैलादेवी में उत्तर भारत का प्रसिद्ध कैलादेवी का लक्खी मेला 29 मार्च से शुरू होगा। लेकिन लक्खी मेला शुरू होने से पहले ही ग्राम पंचायत सरपंच एवं सरपंच पति का एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे ग्रामीण बड़े नाराज हैं। वहीं ग्राम पंचायत कैलादेवी के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह शेखावत से गुहार लगाते हुए वर्तमान सरपंच लखनबाई एवं सरपंच पति ऋषिकेश मीणा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को बताया कि ऋषिकेश मीणा पेशे से सरकारी अध्यापक है और उसकी धर्मपत्नी लखनबाई मीणा ग्राम पंचायत कैलादेवी की वर्तमान सरपंच है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए ज्ञापन में बताया कि मां केलादेवी का लक्खी मेला कोरोना काल के 2 साल बाद 29 मार्च से शुरू होगा। लेकिन कैलादेवी सरपंच एवं सरपंचपति ग्राम पंचायत में बाहरी पेशेवर गुंडों को शरण देकर कोर्ट के स्टे के आदेशों की अवहेलना करते हुए खुलेआम चौथ वसूली कर रहे हैं। जिस पर अति शीघ्र रोक लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि कस्बा कैलादेवी में प्रत्येक वर्ष की भांति चैत्र माह में लक्खी मेला आयोजित होता है। मेला में ग्राम पंचायत कैलादेवी द्वारा निजी बस पार्किंग, कार पार्किंग एवं दुकानों की नीलामी का कार्य किया जाता है जिससे प्राप्त समस्त आय ग्राम पंचायत कोष में जमा होती है। किंतु इस वर्ष वर्तमान सरपंच व उसके पति ऋषिकेश मीणा द्वारा मिलीभगत करके ग्राम पंचायत के राजस्व को नुकसान करके अपनी जेब को भरने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम पंचायत की ओर से जारी निविदाएं निजी बस पार्किंग एवं कार पार्किंग हेतु जारी की गई। जिनमें बस पार्किंग दस लाख 31 हजार में सतवीर बैसला के नाम एवं कार पार्किंग 31लाख रुपए में राजेश गुर्जर के नाम श्रेष्ठतम बोली के आधार पर जारी की गई। उक्त राशि ग्राम पंचायत कार्यालय कैलादेवी में दिनांक 21 मार्च 2022 तक दाताओं द्वारा जमा करवानी थी। जिसे जानबूझकर इस उद्देश्य के साथ रोका एवं गोपनीय रखा गया कि उक्त निविदाकृत राशि ग्राम पंचायत को प्राप्त ना हो सके तथा निविदाएं निरस्त हो जाए और स्वयं सरपंच पति ऋषिकेश मीणा अपने हितेशियो के मार्फत कमीशनखोरी पर चला सके। जिससे सीधा सीधा लाभ वह स्वयं प्राप्त कर सके और ग्राम पंचायत को राजस्व हानि हो। इसके अतिरिक्त वर्तमान सरपंच लखनबाई मीणा व उसके पति ऋषिकेश मीणा द्वारा कैलादेवी दुर्गा सागर ग्राउंड, कालीसिल नदी के तटीय इलाकों एवं पुराने बस स्टैंड पर मनमाने तरीके से लोगों को स्थान देकर अतिक्रमण कर अवैध रूप से उनसे चौथ वसूली के कार्य कर रहे हैं। जबकि उक्त समस्त खाली भूमि पर न्यायालय का स्थगन चल रहा है। इसके बावजूद स्थगन आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। पुराने बस स्टैंड की भूमि को अवैध तरीके से बिना कोई निविदाएं या समाचार पत्र में विज्ञप्ति के बिना स्वयं के स्तर पर लाखों रुपए में किराए पर दे दिया है। जिसकी आय ग्राम पंचायत को नहीं होकर स्वयं सरपंच पति ऋषिकेश मीणा द्वारा हड़पी जा रही है। अनेक स्थानों पर स्वयं के स्तर पर ही अवैध दुकानों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही उक्त दुकानदारों से स्वयं ही किराया वसूल कर रहे हैं। जिसका कोई इंद्राज ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में नहीं किया जा रहा है। जिससे राजस्व की हानि ग्राम पंचायत को हो रही है। समस्त अवैध कार्यों को करने के लिए एवं कस्बा कैलादेवी में अपना दबदबा कायम करने के लिए सरपंच पति ऋषिकेश मीणा द्वारा किराए पर गुंडे एवं असामाजिक तत्वों को बुलवा रखा है जो 24 घंटे लोगों को डराते धमकाते रहते हैं और अवैध वसूली कर रहे हैं।उक्त असामाजिक गुंडों को ग्राम पंचायत सरपंच पति ऋषिकेश मीणा द्वारा शरण दे रखी है। जो ग्राम पंचायत भवन में ही अपना डेरा जमाए हुए है।
सरपंच पति ऋषिकेश मीणा एक सरकारी कार्मिक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं लेकिन वह अपने सरकारी दायित्व का निर्वहन नहीं कर ग्राम पंचायत के समस्त कार्यों में दखलअंदाजी तथा समस्त ग्राम पंचायत को अपने स्तर पर संचालित कर रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कैलादेवी के वर्तमान सरपंच लखनबाई व उसके पति ऋषिकेश मीणा द्वारा की जा रही फर्जीकारी एवं अवैध चौथ वसूली को रुकवाने की मांग करते हुए अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त करने की मांग की है। ज्ञापन देने के दौरान मानसिंह मीणा, ओमप्रकाश मीणा, रामअवतार, रवि, हंसराम गुर्जर, मोहन सिंह, अजीत सहित कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

0 टिप्पणियाँ