जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा ट्रांसजेंडर समुदाय की सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थितियों पर शनिवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान, जयपुर में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन टीकाराम जूली मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मां सरस्वती के चित्र के आगे दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अवसर पर जूली ने कहा कि राज्य में पहली बार यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। भविष्य में इसे और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया है। राज्य सरकार उभयलिंगी/ट्रांसजेंडर्स समुदाय के सामाजिक महत्व को समझते हुए उनके समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही समुदाय की शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, जनजीवन में भागीदारी, कार्य करने का अवसर, आदि के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के माध्यम से समुदाय के व्यक्तियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।
इससे समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिलेगी। जूली ने कहा कि समुदाय के सभी सदस्यों को योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए उनके पहचान पत्र बनवाए जा रहे हैं, पर इसके लिए समाज के लोगों को स्वयं पहल कर आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के दृष्टिकोण में परिवर्तन आने में समय लगता है पर यह परिवर्तन परिलक्षित हो यह हम सबका प्रयास है। इस अवसर पर नई भोर संस्था और विभाग के सहयोग से तैयार जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया गया। इसके पश्चात् जूली ने समुदाय के दस युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षित होने का प्रमाण पत्र दिया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में समुदाय की देश व राज्य में सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थिति पर चर्चा हुई।इस दौरान विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने उपस्थित जन को प्रेरित करते हुए सकारात्मक दृष्टि से कार्य करने को कहा। उन्होंने सभी को समवेत स्वर में प्रार्थना करवाई।द्वितीय सत्र में दोपहर 2.30 बजे से पैनल द्वारा चर्चा कर समुदाय की चिंताओं की पहचान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए निदेशक ओ पी बुनकर ने कहा कि समुदाय को उनके विधिक अधिकारों के लिए जागरूक करने और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए सजग करने हेतु कार्यशाला आयोजित की गई है। नई भोर संस्था की फाउंडर पुष्पा माई ने सरकार को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

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