अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान मे पटवारी भर्ती में अस्थायी रूप से चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज और पात्रता जांच में EWS अभियार्थियो के सामने संकट खडा हो गया है। दरअसल सफल अभियार्थियो से राजस्व मंडल की ओर से EWS केटेगरी के अभ्यर्थियों से आवेदन की अंतिम तिथि के सर्टिफिकेट मांगे जा रहे हैं। जिसके इस कैटेगरी के हजारों अभ्यर्थियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। मंडल की ओर से EWS केटेगरी के अभ्यर्थियों को कहा जा रहा है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि तक बना EWS केटेगरी का प्रमाण पत्र लेकर आएं। जबकि इस भर्ती के लिए आवेदन करते समय ऐसा कोई नियम नहीं था और ना ही विज्ञप्ति में ऐसे किसी प्रावधान का उल्लेख था। इससे EWS केटेगरी के हजारों अभ्यर्थियों के सामने इस भर्ती से बाहर होने का संकट खड़ा हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि आरक्षित श्रेणी का लाभ लेने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि तब बना प्रमाण पत्र मान्य होगा। कार्मिक विभाग ने 20 जनवरी 2022 को परिपत्र जारी कर कहा था कि यह नियम नई भर्तियों पर लागू होगा। विभाग ने इस परिपत्र में यह भी उल्लेख किया था कि इस नियम का विज्ञप्ति में उल्लेख होना जरुरी है। लेकिन पटवारी भर्ती की विज्ञप्ति में इस तरह का कोई उल्लेख नहीं था। इसके बावजूद राजस्व मंडल के अधिकारी इसको पुरानी भर्ती में लागू कर रहे हैं। यह अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। अभ्यर्थियों ने बताया कि जब दो साल पहले जनवरी 2020 में इस भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे, तब ऐसा नियम नहीं था। इस कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने बाद में EWS केटेगरी के प्रमाण पत्र बनवाए। अभी तक हुई भर्तियों में बाद में बने प्रमाण पत्र मान्य हुए हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि राजस्व मंडल के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिया जाए कि वे इस तरह की मनमानी नहीं करें और पुराना प्रमाण पत्र नहीं मांगे। नया प्रमाण पत्र मान्य करे।इस बीच राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित 5610 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित पटवारी भर्ती में राजस्व मंडल अजमेर दस्तावेज सत्यापन का काम करेगा। यह कार्य सोमवार से प्रारंभ हो गया जो 31 मार्च तक चलेगा। इसमें 11339 अभ्यर्थी दस्तावेज और पात्रता जांच के लिए सूचीबद्ध हुए थे। इनमें नॉन टीएसपी के 9769 और टीएसपी के 1570 अभ्यर्थी हैं।