जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को वीसी के माध्यम से हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय, जयपुर के भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया की भूमिका को लेकर कहा कि देश की आजादी से लेकर अब तक इतिहास गवाह है कि पत्रकार और साहित्यकारों ने समाज को दिशा देने में कितनी बड़ी भूमिका निभाई है। सीएम गहलोत ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि जो सपना मैंने 20 साल पहले देखा था, वह आज मूर्त रूप ले रहा है, लेकिन मुझे इस बात का भी अफसोस है कि सरकार बदलने के साथ ही योजनाओं को बदलना और बंद करना यह गलत परिपाटी बन गई है। हमने हमारी पिछली सरकार में पत्रकारिता विश्वविद्यालय खोला, लेकिन बाद में हमारी सरकार बदल गई। मुझे इस बात का बड़ा अफसोस है कि सरकार बदलने के साथ ही पत्रकारिता विश्वविद्यालय को भी बंद कर दिया और राजस्थान यूनिवर्सिटी में मर्ज कर दिया गया, जहां फैकल्टी तक नहीं थी।ऐसी स्थिति में वहां पर किस तरह से बच्चों को पत्रकारिता के बारे में पढ़ाया जाता। मेरी समझ से परे है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे किन मूर्ख लोगों की सलाह से यह निर्णय लिया। मैं यह भी समझ नहीं पा रहा कि आखिर किसका दबाव था कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय को बंद करके मर्ज करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मीडिया केंद्र के दबाव में काम कर रहा है। मीडिया के मालिकों के भी ईडी, सीबीआई के छापे पड़ सकते हैं। देश में हिंसा, तनाव और अशांति का माहौल है जो देश के लिए चिंता की बात है। कोई नहीं जानता कि देश किस दिशा में जाएगा। लोकतंत्र की मूल भावना के अनुसार चलना होगा। हम चाहते हैं कि किस तरह माहौल ठीक हो, इसमें पत्रकारिता की भूमिका भी विशेष होती है। सरकार किसी भी पार्टी की हो, उसे आईना दिखाते रहें।सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान के छात्रों को भी अवसर मिलना चाहिए।पत्रकारिता विवि के लिए कोई कमी नहीं होगी, हाईटेक जमाना है। हमें वैसी ही तैयारी करनी पड़ेगी। दहमीकलां में यह पत्रकारिता विवि बनेगा। अभी विवि में 200 छात्र हैं, मैं चाहूंगा कि यह संख्या 2000 हो। साधनों की किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि इसका काम समयबद्ध पूरा करें। 18 महीने की बजाय 15 महीने में काम पूरा करें।