जैसलमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के विवादित बयानबाजी के चलते बीते एक वर्ष में नाथी का बाड़ा बयान और महाराणा प्रताप पर की गई टिप्पणी के कारण उनको विपक्ष व अध्यापकों का विरोध झेलना पड़ा है। अब PCC चीफ ने नाथी का बाड़ा वाले बयान पर सफाई दी है। डोटासरा ने शनिवार को जैसलमेर में कहा कि नाथी बाई एक उदार और बाल विधवा महिला थीं। वो किसी से भी हिसाब-किताब नहीं रखती थीं। उन्होंने बाल विधवा होने के बाद भी अपना घर नहीं छोड़ा। लोगों की हमेशा मदद करती थीं। जरूरतमंदों को उधार दिया, लेकिन वापस कभी नहीं मांगा। उन्होंने बताया कि ये लोकोक्ति है, जिसका उपयोग मैंने टीचर्स को समझाने के लिए किया था। वहीं गोविंद सिंह डोटासरा के महारणा प्रताप के बयान पर रविवार को जैसलमेर से पोकरण जाते वक़्त बीजेपी युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए।

यह था पूरा मामला।

दरअसल शिक्षा मंत्री रहे डोटासरा ने पिछले साल अप्रैल में अपने घर पर ज्ञापन देने आए चार स्कूल लेक्चरर पर गुस्सा हो गए थे। मंत्री झल्लाते हुए बोले- तुम मेरे निजी आवास पर कैसे आए। किसने बुलाया तुम्हें यहां? किसने टीचर बना दिया तुम्हें? बच्चों को पढ़ाने के समय तो तुम ज्ञापन दे रहे हो। मंत्री ने कहा कि निजी आवास पर ज्ञापन देने के लिए CL लेकर आने की कहां जरूरत पड़ गई? इसके लिए मुझसे समय लेते। ऑफिस आते या सचिवालय आते। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने इन शिक्षकों को अपने घर पर ही रोक लिया। उन्होंने स्टाफ को बुलाकर कहा कि DEO को फोन करके पता करो कि ये छुट्‌टी लेकर आए या नहीं? यदि छुट्‌टी लेकर नहीं आए तो इन शिक्षकों को सस्पेंड करो।

सर्किट हाउस में कांग्रेसियों ने किया हंगामा।

गोविंद सिंह डोटासरा जैसलमेर दौरे पर हैं। सर्किट हाउस में उनसे मिलने को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। पूर्व नगर परिषद सभापति अशोक सिंह तंवर के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने सर्किट हाउस की जगह निजी होटल में डोटासरा के रुकने की जानकारी नहीं देने के मामले पर होटल में आकर हंगामा किया। काफी देर बाद डोटासरा ने रूम से बाहर आकर उनको शांत किया। दरअसल कांग्रेस के दो दिनों के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने डोटासरा जैसलमेर आए हैं।

डोटासरा को दिखाए काले झंडे।

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के महाराणा प्रताप के बयान पर रविवार को जैसलमेर से पोकरण जाते वक़्त बीजेपी युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। हालांकि पुलिस ने उनको रोक दिया और पीसीसी चीफ का रास्ता पहले ही बदल दिया था मगर बीजेपी युवा मोर्चा ने काले झंडे दिखाकर उनके बयान पर अपना विरोध दर्ज करवाया। जिलाध्यक्ष उदय सिंह भाटी के नेतृत्व में बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा काले झंडे दिखाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में हड़कंप मच गया।