जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने  23 फरवरी को विधानसभा में वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया। बजट में तमाम घोषणाएं की गईं, लेकिन एक घोषणा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। ये घोषणा थी पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की। अब पुरानी पेंशन योजना के लागू होने के बाद प्रदेश भर में सरकारी कर्मचारी जश्न मना रहे हैं। कर्मचारियों का खुशी का ठिकाना नहीं है। इस घोषणा के बाद सरकारी कर्मचारी अलग-अलग तरीके से सीएम गहलोत को धन्यवाद कह रहे हैं। इस बीच सीएम अशोक गहलोत को एक अध्यापक ने अपने खून से धन्यवाद पत्र लिखा और कहा कि वो देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। जोधपुर के सरकारी स्कूल के अध्यापक शंभू सिंह मेड़तिया ने पुरानी पेंशन योजना को लागू किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम धन्यवाद पत्र लिखा है। खास बात ये है कि ये धन्यवाद पत्र अध्यापक ने अपने खून से लिखा है। इस मौके पर अध्यापक के साथ कई अन्य सरकारी कर्मचारी भी मौजूद रहे। शंभू सिंह मेड़तिया ने कहा कि सरकारी कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे, उनकी आवाज राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सुनी और पुरानी पेंशन योजना को लागू किया गया। अब हम चाहते हैं कि अशोक गहलोत देश का नेतृत्व करें और प्रधानमंत्री बने क्योंकि आम जनता के बारे में सही फैसले लेने का हकदार ही देश का नेतृत्व कर सकता है। शंभू सिंह मेड़तिया से सवाल किया गया कि आप एक अध्यापक हैं और खून से पत्र लिखकर धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं, क्या यह सही है। इस पर शंभू सिंह ने कहा कि हम भगत सिंह की राह पर चलने वाले हैं। हमारे कई साथी लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे और खून दिए बगैर आजादी नहीं मिलती है, इसीलिए मैंने अपने खून से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को धन्यवाद ज्ञापन का पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यो पत्र वो जयपुर जा कर देकर आएंगे। बता दें कि, इससे पूर्व जब अशोक गहलोत राज्य के मुख्यमंत्री बने थे उस दौरान शंभू सिंह मेड़तिया ने कहा था कि वो एक करोड़ रुपए दान करेंगे।