जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर का बहुचर्चित एकल पट्टे मामलों से बचने के लिए सरकार ने नया दिशा निर्देश जारी किए हैं। नए दिशा निर्देशों के संबंध में गुरुवार को डीएलबी निदेशक हृदेश कुमार शर्मा ने नई दिशा निर्देश का परिपत्र जारी कर दिया है। यह नए दिशानिर्देश लागू भी कर दिए गए हैं। स्वायत्त शासन विभाग ने सभी निकायों को दो पेज का फॉर्मेट भेजा है। इस फॉर्मेट में ही एकल पट्टा की जानकारी देनी होगी। इसमें करीब 23 बिन्दुओं का अंकन करके विभाग को भेजना होगा। ताकि उस पर विभाग की पूरी नजर रहे। यह आदेश सरकार तक आने वाले मामलों पर ही लागू रहेंगे। एकल पट्टा मामले में सरकार की टेढ़ी नजर है। कई मामलों में उपकृत होने की शिकायतें भी सरकार को मिलती आई हैं। ऐसे में कोई गड़बड़ नहीं हो, इससे बचने के लिए सरकार पूरे प्रदेशभर के आंकड़ें एकत्रित कर रही है। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार के समय जयपुर में जारी एकल पट्टा मामले में काफी हंगामा हो चुका है। विभाग ने सभी निकायों को 23 बिन्दुओं का फॉमेट भेजा है। इसमें भूमि संबंधी विवरण के साथ ही भूमि का प्रकार, जमाबंदी की प्रमाणित प्रति, जमीन तक पहुंचने का मार्ग, मास्टरप्लान में भूमि के उपयोग, न्यायालय में कोई वाद या अन्य विवाद सहित सभी तरह के कागज भी मांगें गए हैं। यह नई व्यवस्था डीएलबी निदेशक हृदेश कुमार शर्मा ने लागू की है। जैसलमेर, नाथद्वारा, पुष्कर व आबू पर्वत के निकाय 90 ए के प्रकरण निर्धारित चेक लिस्ट में सरकार को भेजेंगे। इसका भी फॉरमेट स्वायत्त शासन विभाग ने जारी किया है। इन चारों शहरों के भू रूपांतरण की कार्रवाई राज्य सरकार के स्तर पर ही स्वीकृत की जाती है।