जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आवास पर निजी और सरकारी आवास पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं की ओर से कालिख पोते जाने के मामले में अब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का बड़ा बयान सामने आया है। गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं की ओर से कालिख पोते जाने को लेकर कहा कि गांधी और गोडसे की विचारधारा में यही अंतर है। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने गलती की हमने उन्हें माफ कर दिया, यही गांधी की विचारधारा है और झूठ बोलना और अपने गलत कामों को स्वीकार करना गोडसे की विचारधारा है। यही फर्क हिंदू और हिंदुत्ववादियों में भी है।पीसीसी चीफ मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस प्रकार के कुकृत्य करके ऐसे जिम्मेदारी ले रहे हैं जैसे कोई आतंकवादी संगठन कोई घटना करके जिम्मेदारी लेते हैं।पीसीसी चीफ ने कहा कि हिंदुत्ववादियों का काम केवल नफरत फैलाना और घृणा करना है। वही सतीश पूनिया के साफा नहीं पहने और एक वक्त भूखा रहने के संकल्प पर निशाना साधते हुए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि अगर इस तरह के कुकृत्य करने वाले लोगों की फौज सतीश पूनिया की है तो फिर सतीश पूनिया को ताउम्र भूखा ही रहना पड़ेगा।डोटासरा ने कहा कि भाजपा के नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं बचे हैं तो वह अब इस तरह के कृत्य कर रहे हैं जो कि उन्हें शोभा नहीं देते हैं।
2 दिन चलेगा चिंतन शिविर।
इधर, 6 और 7 फरवरी को कांग्रेस विधायकों के होने वाले चिंतन शिविर को लेकर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि संगठन की मजबूती के बगैर सरकार नहीं आती और संगठन को मजबूत करने में विभिन्न विधायकों की भी अहम भूमिका है। इन तमाम मुद्दों पर चिंतन शिविर में चर्चा होगी। साथ ही केंद्र सरकार की गलत नीतियों को लेकर भी चिंतन शिविर में चर्चा करेंगे।पीसीसी चीफ ने कहा कि गहलोत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को कैसे ग्राउंड लेवल तक पहुंचाया जाए इस पर भी चिंतन शिविर में चर्चा होनी है, साथ ही साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव का रोडमैप भी बैठक में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जिस तरह से बीजेपी के लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उससे मुकाबला करने की ट्रेनिंग भी विधायकों को दी जाएगी।

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