(1)
जीवन जितना मुस्काया है
उतना ही धोखा खाया है
उन दर्दों की बात न पूछो
जिनको खोकर भी पाया है
(2)
एक तअल्लुक क्या बोया है
सींच-सींच आँसू रोया है
क्या ढूँढे अब उस रिश्ते में
जिसको पाकर भी खोया है
(3)
हँसने वाला ही रोया है
जगने वाला ही सोया है
जिसने जितना ज़्यादा पाया
उतना ही उसने खोया है
(4)
हर धड़कन का यही तराना
यही कहानी यही फ़साना
जीवन में जीवन का मतलब 
पाना खोना खोना पाना

©️✍️ लोकेश कुमार सिंह 'साहिल'