भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
भाजपा सांसद डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने रीट घोटाले को लेकर कहा कि बिना सीबीआई जांच के बड़े हाथियों को पकड़ा नहीं जा सकता। रीट घोटाले में बड़े ब्यूरोक्रेट्स हैं और बड़े मंत्री भी शामिल हैं। भरतपुर के नदबई एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे डॉ. मीणा ने कहा कि खुले में राजस्थान के बेरोजगारों को लूटा गया है। इसलिए हमारी पार्टी की मांग है कि सीबीआई से जांच करवाई जाए। रीट घोटाले में करोड़ों का लेनदेन हुआ है। बेरोजगार बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। बिना सीबीआई जांच के बेरोजगारों को न्याय नहीं मिल पाएगा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. धर्मपाल जरौली ने बर्खास्त होने के बाद कहा है कि इस घोटाले में बड़े राजनीतिक हाथ हैं। इसलिए डॉ.जारौली को सरकार ने भूमिगत कर दिया है। परीक्षा दोबारा होगी या नहीं होगी, बच्चे कन्फ्यूज हैं। डॉ.मीणा ने कहा कि जारौली को पकड़ कर उजागर किया जाए कि कौन-कौन बड़े हाथियों का इस घोटाले में हाथ है। मेरे पास प्रमाण हैं जिन्हें मैं आगे उजागर करूंगा कि इसमें ब्यूरोक्रेसी और बड़े नेताओं का हाथ है। आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ.सुभाष गर्ग राजीव गांधी स्टडी सर्किल के नेशनल कोर्डिनेटर हैं। वह माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे हैं। उस समय भी घोटाले उजागर हुए थे। उसके बाद उनके अधिकतर लोगों विशेषकर प्रदीप पाराशर को डिस्ट्रिक्ट जयपुर का कोऑर्डिनेटर बनाया था। जो कि प्राइवेट व्यक्ति को नहीं बना सकते और वहीं से गड़बड़ काम हुए हैं। नाथी का बाड़ा लिखने के मामले पर सांसद डॉ. मीणा ने कहा कि वह सामाजिक सेविका थी। भूखों को खाना देती थी। ऐसे लोग जो भ्रष्टाचार में लिप्त हों, उनके निवास पर नाथी का बाड़ा लिखकर उल्टा नाथी को बदनाम किया है।

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