कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।
कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सहायक उप निरीक्षक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ASI रामरतन खटीक ने धोखाधड़ी के एक मामले में परिवादी के पिता के खिलाफ दर्ज मामले को रफा-दफा करने की एवज में ढाई लाख रुपए की मांगी थी। सौदा डेढ़ लाख रुपए पर तय हुआ था, इसमें एक लाख नगद और 50 हजार रुपए चेक के जरिए मांगे थे। एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को 23 फरवरी को कोटा के खेड़ारसूलपुर निवासी चंद्र प्रकाश सैनी ने परिवाद दिया था कि कोटा जिले के कनवास थाने में उनके पिता के खिलाफ लुगड़ी का एक मुकदमा दर्ज हुआ है और मामले का अनुसंधान एएसआई रामरतन खटीक कर रहे हैं। एएसआई झूठे मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दे रहे हैं और मामले को रफा-दफा करने की एवज में ढाई लाख रुपए की रिश्वत की मांग भी की है। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने घटना का सत्यापन करवाया। जिसमें 26 फरवरी 2022 को रिश्वत मांग होना सामने आया। सत्यापन के दौरान सत्यापन के दौरान एएसआई राम रतन खटीक राम रतन ने 1 लाख रुपए नगद और 50 हजार रुपए का चेक बतौर रिश्वत मंगवाया था। सत्यापन में रिश्वत की मांग सामने आने के बाद में ACB की टीम ने ट्रैप कार्रवाई का आयोजन किया। हालांकि परिवादी रिश्वत की पूरी राशि अरेंज नहीं कर पाया। ऐसे में वह महज 50 हजार और एक लाख का चेक लेकर ही आज कनवास पहुंचा था। थाने पर पहुंचकर उसने आरोपी एएसआई रामरतन खटीक को यह पैसे और चेक सौंप दिया। ASI ने रिश्वत की नकद राशि जेब में रख ली और एक लाख का चेक वापस लौट आते हुए यह राशि नकद लाने के लिए बोला था। परिवादी ने एसीबी की टीम को रिश्वत राशि देने का इशारा किया। जिसके बाद में एसीबी की टीम ने आरोपी को डिटेन कर लिया और बाद में उसे गिरफ्तार कर मौके पर कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपी एएसआई की जेब से रिश्वत की राशि 50 हजार रुपए भी बरामद कर ली।