जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
यूक्रेन से जयपुर एयरपोर्ट पर रविवार को प्रदेश के आठ छात्राओं सुरक्षित तौर पर पहुंचने पर खुशी जाहिर की और उन्होंने भगवान को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे परिवार के पास जिंदा आ गई है। रविवार को एयरपोर्ट पर पहुंचते ही इन 8 छात्राओं महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने स्वागत किया। रविवार को राजस्थान मूल के 8 बच्चे जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे, जिसमें शिवानी सिंह प्रताप नगर जयपुर,आशि शिप्रापथ मानसरोवर,मनीषा कोटा ,शिवानी शर्मा भीलवाड़ा ,रिचा चेलानी अजमेर ,जोया अंसारी कोटा ,जस्टी जैन नौगार,भवनिका सेन पुत्री योद्धराज सेन रावतभाटा शामिल है। बता दे, कि केंद्र सरकार ने 500 बच्चे अब तक रेस्क्यू किया हैं, जिनमें 9 बच्चे राजस्थान से है। इनमें एक छात्रा मुंबई एयरपोर्ट पर ही अपने परिजनों के साथ चली गई। इसलिए जयपुर एयरपोर्ट पर 8 छात्राएं ही पहुंची। जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे छात्रों ने कहा कि हालात बहुत खराब है खाने और रहने की परेशानी बहुत हो रही है। अभी भी भारत के कई छात्र यूक्रेन और आसपास के इलाकों में फंसे हुए है। बॉर्डर तक पहुंचने में भी बड़ी परेशानी हो रही है। एयरपोर्ट पर अधिकांश बच्चों से यूक्रेन में हो रहे युद्ध और स्थित के बारे में अजमेर की रिचा ने बताया स्थिति बहुत खराब है। 3 हजार से ज्यादा छात्र अभी-भी फंसे हुए हैं। वे कैसे आयेंगे कहा नहीं जा सकता। मुंबई में हमारी फ्लाइट जब उतरी तो हमे लगा की अब बच चुके हैं। राजस्थान सरकार ने खाने और रहने की अच्छी व्यवस्था की। कोटा की मनीषा ने बताया कि वह तीन दिन से सोई नहीं है। माता-पिता से बात नहीं हुई डर लग रहा था कि क्या होगा। भीलवाड़ा की शिवानी ने बताया कि इंडियन एम्बेसी ने उनकी बहुत मदद की अगर एम्बेसी समय रहते एक्टिव नहीं होती तो बचना मुश्किल था। उन्हें चिंता है कि और फंसे हुए बच्चे कैसे वापस आयेंगे। अजमेर की रिचा ने बताया कि स्थित खराब है लगता नहीं हालात सुधरने वाले हैं। बंकर में बच्चे रह रहे हैं पानी और खाने की बड़ी परेशानी है।