झुंझुनूं ब्यूरो रिपोर्ट।
 पहले पति के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से नौकरी के मामले में झुंझुनूं के गुड़ागौड़जी पुलिस ने महिला शिक्षक मंजू देवी को गिरफ्तार किया है।महिला ने फर्जी दस्तावेज पर ग्रेड थर्ड की नौकरी ली और 14 साल में 88 लाख रुपए की वेतन भी उठाया। महिला शिक्षक ने तीन शादियां की थीं। तीसरे पति से झगड़ा हुआ तो उसने सारी करतूत पुलिस को बता दी। जांच में दोषी पाए जाने पर शनिवार को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।गुड़ागौड़जी पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार मंजू देवी सीकर जिले के बिड़ोदी छोटी की रहने वाली है। मंजू का तीसरा ससुराल तोगड़ा में है। फिलहाल महिला चौमूं के पास गोविंदगढ़ पंचायत समिति की ढाणी इटावा के स्कूल में शिक्षक के पद पर तैनात है। पुलिस जांच में सामने आया कि मंजू की शादी जून 1996 में खेदड़ों की ढाणी (लोचिबा की ढाणी) तन गुढ़ागौडजी के रामनिवास उर्फ निवासराम जाट से हुई थी। करीब चार साल बाद 2000 में इनका तलाक हो गया। फिर मंजू कुमारी ने लक्ष्मणगढ़ के कुमास निवासी बाबूलाल से शादी की। इस बीच रामनिवास की 11 दिसंबर 2001 को मौत हो गई। इसका मृत्यु प्रमाण पत्र 20 दिसंबर 2001 को जारी हुआ। सरकारी नौकरी के लिए मंजू ने दूसरी शादी की बात किसी को नहीं बताई। इसके साथ ही दूसरी शादी के बाद भी पहले पति का एक साल पहले का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर वर्ष 2008 में ग्रेड थर्ड टीचर की नौकरी पर लग गई। पहले पति की मौत वर्ष 2001 में हुई थी। सरकारी नौकरी के लिए मंजू ने वर्ष 2000 का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया। दूसरे पति के साथ भी शादी लंबी नहीं चली। अनबन के बाद दूसरे पति बाबूलाल से भी तलाक हो गया। 3 जून 2011 को तोगड़ा निवासी महेश कुमार से तीसरी शादी की। इनके बीच भी अक्सर अनबन होने लगी। मंजू देवी ने तीसरे पति महेश कुमार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करवा दिया। महेश कुमार ने वर्ष 2021 में झुंझुनूं एसपी को इसकी शिकायत दी। एसपी के सामने मंजू के फर्जीवाड़े का खुलासा किया। मामले की जांच में वह दोषी पाई गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि वह अब तक करीब 88 लाख रुपए की वेतन के ले चुकी थी।