जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान विधानसभा मे बजट सत्र से पहले कांग्रेस और समर्थक विधायक दिल्ली रोड स्थित फाइव स्टार होटल में चिंतन करेंगे। दो दिन तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी अजय माकन, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सभी मंत्री विधायकों के साथ रहेंगे। कांग्रेस ने इसे चिंतन शिविर नाम दिया है, लेकिन इसका असली मकसद राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश की जाएगी। बजट सत्र से पहले विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए यह चिंतन शिविर रखा गया है। कांग्रेस और कई समर्थक विधायक नाराज चल रहे हैं। बीएसपी से कांग्रेस में आए 5 विधायक भी सरकार में भागीदारी नहीं मिलने से नाराज हैं। कई विधायक भी अलग-अलग राजनीतिक कारणों से नाराज हैं। विधायकों को चिंतन शिविर के नाम पर दो दिन तक होटल में रखने के पीछे असली मकसद उनसे बातचीत कर उनका मन टटोल कर उसे दूर किया जाएगा । विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा सरकार को रीट, कानून व्यवस्था की कई बड़ी घटनाओं को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस ने इसकी काट के तौर पर अपने विधायकों को दो दिन तक होटल में रखकर उन्हें एकजुट करने की कोशिश की जाएगी । दो दिन तक विधायकों से सीएम गहलोत वन टू वन चर्चा कर उनका मन टटोलेंगे। सीएम गहलोत विधायकों से उनका डिमांड चार्ट भी लेंगे जिन्हें बजट में शामिल किया जाएगा। हालांकि बजट में शामिल करने वाली घोषणाओं का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस की तरफ से भी जाएगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने कहा कि विधायकों के दो दिवसीय चिंतन शिविर में विधानसभा सत्र की रणनीति के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। इस चिंतन शिविर के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के साथ भी इसी तरह का कैंप करेंगे। उसके बाद सरकार को प्रदेश कांग्रेस की तरफ से सरकार को बजट पर सुझाव देंगे।