अवनीश पाराशर।
करौली-धौलपुर सांसद डा. मनोज राजोरिया ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किये गये बजट को विकास के पथ पर बढते भारत का बजट बताया। सांसद डा. राजोरिया ने बताया कि कोरोना (कोविड-19) से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के चलते विश्व की सभी बडी अर्थव्यवस्थाऐं संघर्ष कर रही हैं। वहीं भारत की अर्थव्यवस्था देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से वृद्धि कर रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में विकास दर 9.2 प्रतिशत रहना अनुमानित है।सांसद राजोरिया ने बताया कि इस बजट में देश के सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। इस बजट में किसानों हेतु 2.37 लाख करोड रूपये का प्रावधान किया है और इस बजट में एम.एस.पी. में रिकॉर्ड खरीद करने की भी बात की गयी है। डा. राजोरिया ने बताया कि युवाओं को 60 लाख रोजगार का प्रावधान किया है। सहकारी समितियों का टैक्स 18 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उपक्रमों हेतु 06 हजार करोड का प्रावधान किया गया है। 20 हजार करोड के राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर बैंक का निर्माण का प्रावधान किया गया है। सांसद मनोज राजोरिया ने बताया कि कोरोना जैसे महामारी के चलते बच्चों की शिक्षा व्यवस्थाओं को काफी प्रभावित किया। इसको देखते हुए सरकार ने दूरदर्शन के चलते हुए प्रधानमंत्री ई-विद्या योजना के चलते वन क्लास - वन चैनल योजना का प्रावधान किया गया है। जिसके चलते बच्चों को 1-12 कक्षा तक 200 चैनलों के माध्यम से घर बैठे शिक्षा प्राप्त करने का साधन उपलब्ध हो सकेगा। सांसद राजोरिया ने बताया कि इस बजट में पोस्ट ऑफिस बचत खातों को बैंकों से जोडने का प्रावधान किया गया है। जिसके चलते आमजन को पोस्ट ऑफिस खातों के संचालन में आसानी होगी और वह अपने धन की निकासी एवं हस्तांतरण बैंकों के माध्यम से कर सकेंगे। इस बजट में 80 आवासों के निर्माण का प्रावधान भी किया गया है एवं ई-पासपोर्ट योजना के तहत भविष्य में चिप वाले पासपोर्ट उपलब्ध हो सकेंगे। सांसद डा. मनोज राजोरिया ने बताया कि रिजर्व बैंक अपनी खुद की डिजीटल करेन्सी, क्रिप्टो करेन्सी लॉन्च करेगा। इससे क्रिप्टो करेन्सी के भविष्य को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति समाप्त हो सकेगी। क्रिप्टो करेन्सी से आय पर 30 प्रतिशत कर का प्रावधान किया गया है। डा. मनोज राजोरिया ने बताया कि इसके साथ ही इस बजट में देश के विकास एवं समृद्धि से संबंधित सभी विषयों का ध्यान रखा गया है। किसानों के लिए रसायन मुक्त खेती को बढावा देने के प्रयासों के तहत कृषि विश्वविद्यालयों में नवीन पाठ्यक्रम संचालित किया जायेंगे। किसानों की क्रेडिट सुविधा को और बढाया जायेगा। किसानों की आय बढाने हेतु पी.पी.पी. मोड योजना आरंभ की जावेगी।

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