बाड़मेर ब्यूरो रिपोर्ट।
बाड़मेर के सिणधरी में कार्यरत JEN और तकनीकी सहायक को जोधपुर विद्युत विभाग ने किसान से उगाही करने के आरोप में एपीओ किया गया है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ करने के साथ मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। सिणधरी के पास के गांव के रहने वाले राजाराम चौधरी ने शिकायत की थी कि विद्युत विभाग की टीम ने गलत बिजली कनेक्शन के नाम पर कार्रवाई की धमकी देकर रिश्वत मांगी और रिश्वत लेने के बाद ट्रांसफार्मर को वापस कर दिया।जानकारी के अनुसार 25 तारीख को सिणधरी डिस्कॉम के अधिकारी आशीष बैरवा और तकनीकी सहायक रावता राम सुथार खेत में शाम 4:00 बजे कार्रवाई करने के लिए गए। किसान राजपाल चौधरी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से कहा कि थ्री फेस कनेक्शन लीगली तौर पर चल रहा है लेकिन डिस्कॉम टीम आनन-फानन में ट्रांसफार्मर अपने कार्यालय उठा लाए। किसान का आरोप है कि इसके बाद उससे रिश्वत की राशि की मांग की गई। किसान ने थक हारकर 20 हजार रुपये की रिश्वत दी और अपना ट्रांसफार्मर छुड़ाकर ले आया। अगले ही दिन किसान ने इस बात की जानकारी प्रधान और कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी को दे दी। इसके बाद किसान ने एसीबी और विद्युत विभाग के आला अधिकारियों से भी मामले की शिकायत की। किसान की शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने अपने स्तर पर जांच की जिसमें इस बात की पुष्टि हुई कि डिस्कॉम के JEN और उसके साथी ने किसान राजपाल 20,000 रुपये की रिश्वत ली है। इसके बाद आज सीक्रेट ऑफ ऑफिशियल जोधपुर डिस्कॉम की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को एपीओ किया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इस मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों ने अब चुप्पी साध ली है।

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