जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री निवास पर नेहरू युवा केन्द्र संगठन के तत्वावधान में 13वां आदिवासी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम हुआ। इसमें झारखण्ड और छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद प्रभावित जिलों से आए करीब 200 आदिवासी युवा मौजूद थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं की ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों में करने की दिशा में नेहरू युवा केन्द्र संगठन बड़ी भूमिका निभा रहा है। गहलोत ने कहा कि प्रकृतिपूजक आदिवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन को बचाए रखा है। राज्य सरकार इस समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके कल्याण के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है।
उन्हें अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शिक्षा और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। हमारा प्रयास है कि आदिवासी युवा इन योजनाओं का लाभ उठाकर खुशहाल बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अन्य वर्गों के साथ-साथ आदिवासी माई-फानों ने भी देश के स्वतंत्रता संग्राम में अमिट योगदान दिया महान संत गोविन्द गुरू के नेतृत्व में बढ़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग देश के लिए शहीद हो गए। राज्य सरकार ने उनकी को चिरस्थाई बनाने के लिए बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में भव्य शहीद स्मारक का निर्माण कराया है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रतापगढ़ में नेहरू युवा केन्द्र के कार्यालय की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है। यदि इसे मंजूरी नहीं मिलती है तो यहां के युवाओं को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार स्वयं के स्तर से इसके लिए संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत आए इन युवाओं को प्रदेश के इतिहास, संस्कृति एवं सभ्यता की जानकारी मिले, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें जयपुर के साथ-साथ राज्य के अन्य स्थानों के भ्रमण पर भी ले जाया जाए। राज्य सरकार इसकी व्यवस्था करेगी।खेल एवं युवा मामलों के राज्यमंत्री अशोक चांदना ने कहा कि सदियों पर त्याग और बलिदान के बाद देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम हुई संविधान ने सभी वर्गों को समान अधिकार दिये और विकास में सबको भागीदार बनाया है। इसके बावजूद कई विचारधाराएं एवं संगठन हिंसा और नफरत फैलाकर देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं। युवा अपनी रचनात्मक शक्ति से ऐसी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब दे सकते हैं। नेहरू युवा केन्द्र के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. भुवनेश जैन ने आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के 7 राज्यों के 3 हजार आदिवासी बच्चों का चयन इस एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत किया गया है। प्रत्येक दल में 200 बच्चों को शामिल कर देश के 15 विभिन्न स्थानों के 7 दिवसीय भ्रमण पर भेजा गया है। कार्यक्रम मे उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, विधायक कृष्णा पूनिया और किसनाराम विश्नोई और खेल एवं युवा मामलात विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव भी मौजूद थे। नेहरू युवा केन्द्र संगठन के राज्य निर्देशक पवन अमरावत ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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