झालावाड़ ब्यूरो रिपोर्ट।
पूर्व सीएम व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि एक समय था जब झालावाड़ में भाजपा के कार्यकर्ता उन्हें ट्रेन का मॉडल भेंट किया करते थे।तब झालावाड़ के लिए रेल एक बड़ा सपना हुआ करता था।आज उसी झालावाड़ में तीन-तीन यात्री ट्रेने दौड़ रही है।उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके बड़े भाई तत्कालीन रेल मंत्री स्व.माधव राव सिंधिया ने झालावाड़ में रेल का सपना साकार करने में उनका भरपूर सहयोग तो किया।साथ ही धैर्य रखने की भी सलाह दी क्योंकि रेल लाने में वक़्त बहुत लगता है।आज दादा होते तो बहुत ख़ुश होते। श्रीमती राजे बारां से बीना व झालावाड़ सिटी से कोटा के लिए सांसद दुष्यंत सिंह द्वारा मेमू ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने के अवसर पर वर्चुअली सम्बोधित कर रही थी।सांसद ने बारां में चालक दल का सम्मान भी किया। पूर्व सीएम ने मेमू ट्रेन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव का आभार जताया।सांसद दुष्यंत सिंह के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 21 जून 2013 को पहली यात्री रेल कोटा-झालावाड़ सिटी शुरु हुई।तब उन्होंने और सांसद दुष्यंत सिंह ने उस ट्रेन में बैठ कर सफ़र किया।इसके बाद 5 मार्च 2015 को कोटा-बीना पेसेंजर का झालावाड़ तक विस्तार किया गया। फिर झालावाड़ को राजधानी जयपुर से सीधे जोडऩे के लिए 13 मार्च 2019 को कोटा-श्रीगंगानगर सुपर फास्ट एक्सप्रेस शुरू हुई। श्रीमती राजे ने कहा कि अब झालावाड़ विकास की पटरी पर और अधिक दौड़ेगा।उन्होंने कहा 1989 में सांसद का चुनाव लड़ने पहली बार झालावाड़ आई थी।तब के झालावाड़ और आज के झालावाड़ में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ है।आज यह शहर यहाँ के लोगों के आशीर्वाद और हमारे प्रयासों से कहाँ से कहाँ पहुँच गया है।जो झालावाड़ एक क़स्बे के रूप में पहचाना जाता था,आज देश की पहचान बन गया है। पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे ने कहा मेडिकल कॉलेज,थर्मल प्लांट,खेल संकुल,मिनी सचिवालय, राजगढ़ परियोजना, गागरीन परियोजना,परवन सिंचाई परियोजना,काली सिंध पुलिया,भँवरा सा डेम,सिटी फ़ॉरलेन, मेडिकल कोलेज,इंजीनीयरिंग कॉलेज,होर्टिकल्चर कॉलेज,लॉ कॉलेज,चारों विधान सभा में डिग्री कॉलेज,इंडोर स्टेडियम, सेटेलाइट हॉस्पिटल,बकानी, सुनेल और असनावर में तहसील 
झालरापाटन में गोमती सागर निर्माण,केन्सर हॉस्पिटल,गावड़ी तालाब पर हट और पाथवे,एयरपोर्ट,विज्ञान पार्क, हर्बल गार्डन और पोलोटेक्निकल कॉलेज विकास के ऐसे काम है जो जिन्होंने झालावाड़ की सूरत बदल दी।