करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
करौली जिले की मासलपुर पंचायत समिति के खेड़िया गांव में बुधवार को चल रहे मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के शिविर में पत्रकार राधारमन सारस्वत अपना कवरेज कर रहे थे। इस दौरान शिविर के प्रभारी रूपेंद्र ने कैमरा छीना और कवरेज करने से मना कर दिया जब पत्रकार ने कहा कि मैं पत्रकार हूं मैं मेरा काम कर रहा हूं तो इस पर भड़क गए और कहा कि मैं भी मोठियापुरा का निवासी हूं लोकल हूं यहां की कवरेज मत करो। आपको बता दे, कि राज सरकार द्वारा मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं जिनमें संबंधित सभी अधिकारी और सिस्टम से जुड़े लोगों को आना आवश्यक रूप से अनिवार्य है। 
जिसमें सबसे पहले शिविर के लिए प्रचार प्रसार किया जाता है और लोगों की आवक होने पर उनको राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री चिरंजीवी निधि योजना के बारे में जानकारी दी जाती है। लेकिन यहां का वाक्य कुछ और ही था कि चिकित्सक लोकल होने के नाते उन्होंने ना ही कोई प्रचार-प्रसार किया ना ही किसी को शिविर के बारे में अवगत कराया। टेंट हाउस से टेंट तो तनवा दिया लेकिन मौके पर कोई भी नहीं मिला और पत्रकार ने खबर को प्रकाशित करने के लिए कैमरे को चालू कर दिया। जिसमें पूरी घटना कैमरे में कैद भी हो गई। उसी समय डॉक्टर ने रिपोर्टर का कैमरा छीनने की कोशिश की तथा काफी अभद्रता की। इस मामले में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिनेश चंद्र मीणा से बात की उन्होंने कहा कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। चिकित्सक की जांच करवाई जा रही है। इधर पत्रकार को धमकी भरे फोन मिल रहे हैं। जिसमें कहा जा रहा है कि वीडियो डिलीट कर दो नहीं तो उसका अंजाम ठीक नहीं होगा इस मामले में पत्रकार जगत में रोष व्याप्त है।