जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस में अब संगठन में बैठे नेताओं पर एक व्यक्ति एक पद का नियम लागू नहीं होगा। कांग्रेस जिलाध्यक्षों के साथ संगठन के बाकी पदाधिकारियों को राजनीतिक नियुक्तियां मिलने का फैसला हो चुका है। शुक्रवार को ही 10 कांग्रेस जिलाध्यक्षों को बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति का जिला उपाध्यक्ष बनाया है। अभी कांग्रेस के 13 ही जिलाध्यक्ष हैं, 25 से ज्यादा जिलाध्यक्षों के पद पर नियुक्तियां होना बाकी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह पद तो प्रशासन के साथ सत्ताधारी पार्टी के जिलाध्यक्ष का समन्वय करने का एक माध्यम है। अब तो यह गाइडलाइन बन गई है सभी जिलों के कांग्रेस जिला अध्यक्ष होंगे वह बीस सूत्री कार्यक्र्म की जिला समिति के उपाध्यक्ष भी बनेंगे। हालांकि दो तीन जिले जहां दो या तीन जिला अध्यक्ष बन गए हैं वहां सभी जिलाध्यक्ष बीसूका उपाध्यक्ष नहीं बन सकेंगे। उनके लिए अलग रास्ता निकालकर उन्हें भी एडजस्ट किया जायेगा। कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद फार्मूले को खारिज करने के सवाल पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- यह पद नहीं है, जो पार्टी का जिलाध्यक्ष होगा वह प्रशासन के साथ संवाद स्थापित कर सके इसलिए बीसूका जिला समिति में उपाध्यक्ष बनाया है। प्रशासन के साथ चर्चा करके उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए यह बहुत जरूरी था। यह काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था, कई सालों पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि बीसूका जिला उपाध्यक्ष जिले के सभी अफसरों की बैठक लेकर समय समय पर रिव्यू करेगा। जिले का प्रभारी मंत्री इस समिति का अध्यक्ष होता है। जिले के प्रशासन पर एक तरह से पकड़ बनाने के लिए बीसूका जिला उपाध्यक्ष का काफी अहम रोल रहेगा।जिलाध्यक्षों को बीसूका की जिला समिति का उपाध्यक्ष बनाने की गाइडलाइन के बाद आगे चलकर इसे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के लिए भी लागू किया जा सकता है। आगे अगर प्रदेश स्तर पर इसी फार्मूले को लागू किया गया तो गोविंद सिंह डोटासरा को बीसूका की राज्य समिति का उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है।