जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
किसानों की 5 एकड़ जमीन नीलामी रोडा एक्ट बिल को लेकर अब एक बार फिर राजभवन और गहलोत सरकार आमने-सामने हैं। राजभवन की ओर से नीलामी से संबंधित रोड़ा बिल नहीं आने के इनकार के बाद गहलोत सरकार और प्रदेश कांग्रेस ने पलटवार किया है। गहलोत सरकार की ओर से राजभवन के बयान के जवाब में कहा गया है कि राज्य सरकार ने 2 नवंबर 2020 को ही दीवानी प्रक्रिया संहिता की धारा 60 (1) b में संशोधन किया गया, जिसमें 5 एकड़ जमीन पर केसीसी ऋण लेने पर कुर्क और नीलामी पर रोक लग जाती। परंतु यह बिल भी अभी तक राजभवन में विचाराधीन है। इधर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की ओर से रोडा बिल नहीं बल्कि सिविल संशोधन विधायक 2020 गृह विभाग की ओर से भेजा गया था। डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि किसानों की जमीन नीलामी रोधी बिल सीपीसी में संशोधन संबंधी बिल था।  गृह विभाग ने 24 नवंबर 2020 को यह बिल राजभवन को भेजा था। डोटासरा ने कहा कि  सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आज तक यह बिल पास नहीं किया गया। राज्यपाल को नीचे के अधिकारियों ने गलत सूचना दी है, अगर यह बिल पारित होता तो भूमि नीलाम नहीं होती। डोटासरा ने कहा कि यह बिल वापस लौट कर भी सरकार के पास भी नहीं आया और जब तक यह बिल पास नहीं होगा तब तक किसानों को पूरी राहत नहीं मिल पाएगी। डोटासरा ने कहा कि राज्यपाल से गुजारिश है कि इस बिल को जल्द मंजूरी दें। 

केंद्र सरकार को किसानों से कोई सरोकार नहीं।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों से कोई सरोकार नहीं है, उन्हें तो केवल विचित्र वेशभूषा पहनकर भाषण देना आता है। डोटासरा ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा है कि किसानों को राहत दी जाए, इसलिए किसानों की जमीन नीलामी पर रोक लगा दी गई है कि किसानों की 5 एकड़ तक की भूमि की नीलामी या कुर्की नहीं हो।

विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पा रही भाजपा।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने भाजपा के आंदोलनों पर कहा कि भाजपा अपने पैरों पर खड़ी नहीं है।  विपक्ष की भूमिका निभाने में भाजपा पूरे तरीके से नाकाम है।  इनके नेता आपस में ही मुख्यमंत्री बनने के लिए लड़ रहे हैं। एक दिन कोई नेता बयान देता है, दूसरे दिन को ओर नेता बयान देता है।

जल्द होगा संगठन विस्तार।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि प्रदेश प्रभारी अजय माकन पंजाब चुनाव में व्यस्त हैं जैसे ही वह फ्री होंगे, तब संगठन विस्तार का काम जल्द शुरू किया जाएगा।  400 ब्लॉक अध्यक्ष बनेंगे और शेष जिलों में  अध्यक्षों की नियुक्ति होंगी और साथ ही 13 जिलों में जहां अध्यक्ष बन चुके हैं वहां भी कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।