जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस के स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस का त्याग और बलिदान का इतिहास है। देश के डीएनए में कांग्रेस है। कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाले देश से मुक्त हो जाएंगे। मुख्यमंत्री गहलोत ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस के तमाम नेताओं ने जेल में बंद रह कर देशवासियों को एकजुटता का संदेश दिया था। उसी का परिणाम था कि अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान बना लेकिन आज दुख होता है कि संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है,लोकतंत्र खतरे में है संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट किया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज पूरा देश चिंतित है आज के समय में हमें संकल्प लेना है कि किस रूप से हमें कांग्रेस पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को आमजन तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि जब देश आजाद हुआ तब देश में ना पानी था ना बिजली थी और ना ही सड़क थी लेकिन 70 सालों में कांग्रेस की सरकारों ने देश के निर्माण का काम किया लेकिन आज भी हम को सुनना पड़ता है कि 70 सालों में हमने क्या किया। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज देश एक गंभीर चुनौती से गुजर रहा है, महंगाई और बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है और देश में जगह-जगह सांप्रदायिकता का माहौल बना हुआ है ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम सब से एकजुट होकर लड़े।मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज देश में धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की साजिश की जा रही है जबकि यह देश हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई पारसी जैन सभी धर्मों के लोगों का है क्योंकि सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर आजादी की जंग लड़ी थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश में राहुल गांधी ने हिंदू बनाम हिंदुत्व की जो बहस छेड़ी है, उसका मर्म समझने की जरूरत है जो हिंदू है उनके महान संस्कार रीति और नीति है और देश में आज वह लोग हैं जो हिंदुत्व के नाम पर कट्टरता फैला रहे हैं वह नकली हिंदू हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हम साधु संतों का सम्मान करते हैं भगवा वस्त्र का सम्मान करते हैं लेकिन जिस तरह का माहौल देश में कुछ साधु संतों के द्वारा बनाए जा रहा है वह निंदनीय है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि धर्म संसद में महात्मा गांधी पर कुछ साधु-संतों की ओर से अशोभनीय टिप्पणी की गई है। जिसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश में जो माहौल बनाया जा रहा है उसी के अनुरूप कुछ साधु संत ऐसे बयान दे रहे हैं। हमें समझना है कि आज देश किस दिशा में जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म संसद में एक साधु संत ने अपने आप को उस धर्म संसद से अलग कर लिया था।वक्त आ गया है कि सभी को मिलकर देश में सांप्रदायिकता के माहौल से निपटना चाहिए।