स्पेशल डेस्क। 

पुलिस विभाग में यदि कोई भी कर्मचारी किसी अवैधानिक या अनैतिक कार्य में लिप्त होता है तो तुरंत सुर्खियां बटोर लेता है।  इसके चलते पुलिस विभाग की छवि कुछ ऐसी बन गई है मानो इस विभाग में भ्रष्ट लोगों का ही जमावड़ा है जबकि हक़ीक़त यह है कि अन्य विभागों की तरह पुलिस में भी अच्छे और बुरे दोनों तरह के कार्मिक हैं और सही तौर पर देखा जाए तो अच्छे कार्मिकों की संख्या ही ज्यादा है। राज्य पुलिस के मुखिया एम.एल. लाठर इस बारे में चिंतित रहें  प्रयासरत रहे हैं कि कैसे अपनी फोर्स का मनोबल ऊँचा रखें। 

इसी क्रम में लाठर ने श्रेष्ठ कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित करने की एक योजना पर काम किया और अब यह योजना बहुत शानदार तरीके से काम भी कर रही है।  डीजीपी लाठर के निर्देश पर विभिन्न जिलों में आपराधिक रोकथाम में श्रेष्ठ कार्य करने वालों को 'आउट ऑफ़ टर्न' पद्दोन्नति देने का सिलसिला शुरू किया गया है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। 

साल 2021 में 56 श्रेष्ठ कार्य करने वाले कॉन्स्टेबलों को हेड कांस्टेबल बनाया गया, 25 हैड कांस्टेबल एएसआई पद पर प्रोमोट किए गए, 2 एएसआई सब इंस्पेक्टर बनाये गए और 2 सब इन्स्पेक्टरों को इंस्पेक्टर बनाया गया।  यह आसान काम नहीं था और इसीलिए लाठर ने खुद ने इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी निगाह बनाए रखी। निश्चित तौर पर डीजीपी के यह नवाचार स्वागत योग्य है और इससे पुलिस विभाग में उत्साह का संचार होगा तथा प्रदेश के पुलिस बेड़े की कार्य क्षमता में इज़ाफ़ा होगा।