जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान में पिछले दिनों पड़ी कड़ाके की सर्दी राज्य के 8 जिलों के किसानों के लिए आफत बन गई। 8 जिलों में तापमान ज्यादा कम होने से रबी की फसलों को नुकसान हो गया।मुख्यमंत्री गहलोत के पास जब फसल के नुकसान की शिकायत पहुंची तो उन्होंने प्रदेश के 8 जिलों में नुकसान की रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए गिरदावरी करवाने के आदेश दिए है। ये गिरदावरी चूरू, हनुमानगढ़, सीकर, जयपुर, करौली, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और झुंझुनूं जिले में करवाई जाएगी।कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पूरे प्रदेश में 9,978 हेक्टेयर जमीन पर रबी की फसल बुवाई हुई है। इसमें गेंहू, जौ, सरसों, चना के अलावा अलसी, इसबगोल, मैथी, जीरा, धनिया भी शामिल है। 16 से लेकर 20 दिसंबर तक शेखावाटी अंचल के सीकर, चूरू, झुंझुनूं समेत राज्य के अन्य शहरों में कड़ाके की सर्दी पड़ी थी, जिसके कारण न्यूनतम तापमान जीरो से भी नीचे माइनस में चला गया था। इस कारण कई जगह खेतों में खड़ी फसलों पर बर्फ जम गई और पाला पड़ने से फसलों को नुकसान हो गया। इसमें बैंग, हरी मिर्च, टमाटर, गोभी, आलू आदि शामिल है, जिनको ज्यादा नुकसान हुआ है। ये फसले शेखावाटी अंचल में तो काफी खराब हो गई। वहीं रबी की फसलों में तेज सर्दी का असर ग्रोथ पर पड़ता है। सरसों, गेंहू, चना, जौ आदि अनाज वाली फसलों की ग्रोथ पर थोड़ा असर देखने को मिल सकता है। शेखावाटी अंचल के चूरू, सीकर जिलों में तो लगातार तीन दिन पारा शून्य या उससे नीचे माइनस में रहा था। सबसे कम तापमान फतेहपुर शेखावाटी में -5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। इसके अलावा चूरू में -2.6, सीकर में -2.5, करौली में -0.6, भीलवाड़ा 0, चित्तौड़गढ़ -0.2 डिग्री तक गया था। इसके अलावा हनुमानगढ़, नागौर, झुंझुनूं में भी न्यूनतम तापमान शून्य के पास पहुंच गया था। जयपुर के जोबनेर में भी न्यूनतम तापमान -5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।